भारत में भू-जल का गहराता संकट
नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल द्वारा गठित एक विशेषज्ञ समिति ने जो रिपोर्ट दी है वह भारत में भू-जल
नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल द्वारा गठित एक विशेषज्ञ समिति ने जो रिपोर्ट दी है वह भारत में भू-जल
भारत में पिछले तीन साल में 6585 लोगों की जानें सिर्फ बारिश के कारण हुई आपदाओं में
पर्यावरण कार्यकर्ताओं की जान को जोखिम के मामले में भारत दुनिया का तीसरा सबसे ख़तरनाक देश है।
विश्व मंच पर साफ ऊर्जा के तमाम वादों के बावजूद कोल पावर को लेकर भारत
मुंबई में जुलाई की शुरुआत मूसलाधार बरसात के साथ हुई। पूरा शहर जैसे थम गया।
एक ओर इस साल के आर्थिक सर्वे में कहा गया है कि खेतीबाड़ी में पानी का बेहद किफायत के
साइंस जर्नल “साइंस एडवांसेज” में छपी रिसर्च से पता चलता है कि हिमालय में ग्लेशियरों के पिघलने
देश के तकरीबन हर हिस्से में पिछले दो महीनों में पानी के लिये हाहाकार मचा
पिछले एक महीने में पूरे देश में प्रचंड गर्मी की मार रही है। कई प्रदेशों
पानी के लिये पूरे देश में त्राहि-त्राहि मची हुई है। सेंट्रल वॉटर कमीशन के मुताबिक