जलवायु संकट की मार: विश्व के सबसे महंगे आपदाओं की सच्चाई, भारत-पाक रिपोर्ट में दिखा स्थानीय विनाश
वर्ष 2025 जलवायु आपदाओं के हिसाब से इतिहास का एक सबसे महंगा और विनाशकारी साल
वर्ष 2025 जलवायु आपदाओं के हिसाब से इतिहास का एक सबसे महंगा और विनाशकारी साल
उत्तर भारत के बड़े हिस्सों पर घने कोहरे और धुंध की मोटी चादर बिछ गई
क्लाइमेट रिस्क इंडेक्स 2026 (सीआरआई) की नई रिपोर्ट के अनुसार, 1995–2024 की अवधि में भारत
दुनिया के बड़े जलवायु विशेषज्ञ और नेता अब मान रहे हैं कि ग्लोबल वार्मिंग की
भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने कहा है कि नवंबर में देश के अधिकांश हिस्सों,
भीषण चक्रवाती तूफान ‘मोंथा’ मंगलवार की रात आंध्र प्रदेश के तट से टकराया और इसने
जैव विविधता पर कन्वेंशन (सीबीडी) और कुनमिंग-मॉन्ट्रियल वैश्विक जैव विविधता फ्रेमवर्क के तहत किए गए
जलवायु परिवर्तन के कारण लगभग 20 प्रतिशत प्रवासी प्रजातियों पर विलुप्ति का खतरा मंडरा रहा
मौसम विशेषज्ञों का अनुमान है कि इस साल उत्तर भारत में सर्दी सामान्य से अधिक
मंगलवार को हुई मूसलाधार बारिश ने कोलकाता और आसपास के जिलों को बुरी तरह प्रभावित