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बाढ़, भूस्खलन ने पहाड़ी राज्यों में मचाई तबाही, जम्मू में 11 की मौत; अमरनाथ यात्रा रुकी

बाढ़, भूस्खलन ने पहाड़ी राज्यों में मचाई तबाही, जम्मू में 11 की मौत; अमरनाथ यात्रा रुकी

Editorial Team | 19 जुल॰. 2026

देश के अधिकांश हिस्सों में मानसून फिर से सक्रिय हो गया है। इसके साथ ही जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड समेत कई पहाड़ी राज्यों में भारी बारिश, फ्लैश फ्लड और भूस्खलन की घटनाएं बढ़ गई हैं। मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों तक कई राज्यों में अत्यधिक भारी बारिश की चेतावनी जारी करते हुए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।

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'कई सालों की सबसे बुरी बाढ़': असम में अब तक 80 लोगों की मौत

Editorial Team | 31 जुल॰. 2026

चरम मौसमी घटनाएं भारत के इंफ्रास्ट्रक्चर, खेती और पब्लिक हेल्थ पर भारी असर डाल रही हैं। असम और गुजरात में बाढ़ से 100 से ज़्यादा लोगों की मौत हुई है, सैकड़ों मज़दूर फंस गए हैं और मैनुफैक्चरिंग पर बुरा असर पड़ा है। वहीं बारिश की कमी से जूझ रहे झारखंड में किसान मोटे अनाज (मिलेट्स) की खेती की ओर बढ़ रहे हैं, क्योंकि कुछ ज़िलों में बारिश में 79% तक की कमी दर्ज की गई है। यूरोप में हीटवेव और जंगल की आग की घटनाएं ज़्यादा विनाशकारी होती जा रही हैं; फ्रांस में रिकॉर्ड-तोड़ हीटवेव के दौरान 5,764 अतिरिक्त मौतें दर्ज की गईं और अब एक और भीषण गर्मी का दौर आने वाला है।

कमजोर मानसून से पड़ेगी मंहगाई की मार, अनाज के अलावा बढ़ सकते हैं दूध के दाम

Editorial Team | 31 जुल॰. 2026

जलवायु परिवर्तन का असर अब केवल मौसम और खेती तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि यह देश की अर्थव्यवस्था, महंगाई और खाद्य सुरक्षा के लिए भी बड़ी चुनौती बनता जा रहा है। कमजोर और असमान मानसून से फसलों के साथ-साथ पशुओं के चारे और दूध उत्पादन पर भी असर पड़ने की आशंका है। इसी बीच सरकार के एक आकलन में देश के 310 कृषि जिलों को जलवायु परिवर्तन के लिहाज से संवेदनशील बताया गया है। दूसरी ओर, पर्यावरण संरक्षण से जुड़े मामलों में सुप्रीम कोर्ट ने अरावली संरक्षण पर जनता से सुझाव मांगे हैं और पर्यावरण राहत कोष के उपयोग का ब्योरा भी केंद्र सरकार से तलब किया है।

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भूजल में यूरेनियम: ग्रीन कोर्ट ने खुद लिया संज्ञान, दिल्ली सरकार और राज्य प्रदूषण कंट्रोल कमेटी से मांगा जवाब

Editorial Team| 31 जुल॰. 2026

दिल्ली के भूजल में यूरेनियम संदूषण की रिपोर्ट पर एनजीटी ने स्वतः संज्ञान लेते हुए दिल्ली सरकार और प्रदूषण कंट्रोल कमेटी से जवाब मांगा है। वहीं एक नई रिपोर्ट में कहा गया है कि सड़क परिवहन से होने वाला वायु प्रदूषण भारत में हर छह मिनट में एक असामयिक मौत और हर 34 मिनट में बच्चों में अस्थमा का नया मामला पैदा करने से जुड़ा है। उधर अमेरिका में एक अध्ययन में गैस स्टोव की जगह इलेक्ट्रिक स्टोव अपनाने से अस्थमा के मरीजों में उल्लेखनीय सुधार होने की बात सामने आई है।