सर्वे में कहा गया है कि चार्जिंग और बैटरी की समस्याओं के कारण इलेक्ट्रिक वाहन कम विश्वसनीय होते हैं।

इलेक्ट्रिक वाहनों में आईं 79% अधिक समस्याएं, विश्वसनीयता पर सवाल: सर्वे

एक प्रभावशाली अमेरिकी गैर-लाभकारी संगठन के सर्वे में पाया गया है कि चार्जिंग और बैटरी की समस्याओं के कारण इलेक्ट्रिक वाहन अंतर्दहन इंजन (आईसीई) वाहनों के मुकाबले कम विश्वसनीय होते हैं। हालांकि उपभोक्ता बहुत तेजी से इलेक्ट्रिक वाहन खरीद रहे हैं। 

कंस्यूमर रिपोर्ट्स के वार्षिक ऑटो विश्वसनीयता सर्वेक्षण 2023 से पता चला कि नए इलेक्ट्रिक वाहनों में औसतन 79% अधिक समस्याएं आईं। हाइब्रिड वाहनों में आईसीई वाहनों की तुलना में कम समस्याएं आईं, जबकि प्लग-इन हाइब्रिड में 146% अधिक समस्याएं आईं।

19 श्रेणियों की रैंकिंग में इलेक्ट्रिक पिकअप सबसे कम विश्वसनीय पाए गए जबकि कॉम्पैक्ट कार, स्पोर्ट्स कार और छोटी पिकअप की सबसे विश्वसनीयता सबसे अधिक रही।

दिल्ली सरकार की ईवी योजना को मिली उपराजयपाल की मंजूरी

दिल्ली के परिवहन मंत्री कैलाश गहलोत ने बताया कि उपराज्यपाल वी के सक्सेना ने ‘दिल्ली मोटर वाहन एग्रीगेटर और डिलीवरी सेवा प्रदाता योजना 2023’ को मंजूरी दे दी है। इस योजना के तहत एग्रीगेटर्स, डिलीवरी सेवाओं और ई-कॉमर्स कंपनियों के लिए 2030 के बाद उनके वाणिज्यिक वाहनों को जीरो-उत्सर्जन इलेक्ट्रिक वाहनों में तेजी से बदलना अनिवार्य है।

यह योजना दिल्ली में 25 या अधिक वाहनों वाले एग्रीगेटर्स, डिलीवरी सेवाओं और ई-कॉमर्स कंपनियों पर लागू होती है। इसमें उन सेवाओं को शामिल किया गया है जो उपभोक्ताओं से जुड़ने के लिए ऐप या वेबसाइट जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म का उपयोग करते हैं। इसके अतिरिक्त, इस योजना से दिल्ली में इलेक्ट्रिक बाइक टैक्सी सेवाओं की शुरुआत का रास्ता साफ़ हुआ है। इस पहल के लिए आधिकारिक अधिसूचना बाद में जारी होने की उम्मीद है।

घरेलू ईवी बाजार में चीन की भूमिका कम करेगा अमेरिका

अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन का प्रशासन नए टैक्स-क्रेडिट नियम जारी कर सकता है, जिससे अमेरिका में इलेक्ट्रिक वाहनों के बाजार को नया आकार मिलेगा, मामले से परिचित लोगों ने बताया। अमेरिका ने पिछले साल नई ईवी खरीदने वाले लोगों को 7,500 डॉलर की टैक्स सब्सिडी देने वाली योजना में सुधार किया था। इन नए नियमों में से एक में कहा गया है कि यदि उपभोक्ता ऐसी कारें खरीदते हैं जिनमें प्रयुक्त बैटरी मैटेरियल ‘फॉरेन एंटिटी ऑफ़ कंसर्न’ से आया है, तो वह टैक्स सब्सिडी का दावा नहीं कर पाएंगे।

इन्फ्लेशन रिडक्शन एक्ट में इस नियम को रखने का उद्देश्य था कि घरेलू निर्माता चीनी सामान पर निर्भरता कम करें।

चीन अपने यहां निर्मित इलेक्ट्रिक वाहनों पर इतनी सब्सिडी दे देता है कि विदेशों में वह बहुत सस्ती मिलती हैं। लेकिन अमेरिका की ईवी नीति शुरू से ही ऐसी रही है जहां चीन की सब्सिडी काम नहीं आती। हालांकि, जानकारों का कहना है कि चीन अमेरिका के बाजारों में अपने वाहनों को लोकप्रिय बनाने के लिए नई योजनाएं बना रहा है, और अमेरिका की वर्तमान नीतियां इससे निपटने में सक्षम नहीं होंगी। इसलिए नियमों में संशोधन की जरूरत है।

क्या पुराने टायरों से बन सकती है ईवी बैटरी?

इलेक्ट्रिक वाहनों की बढ़ती मांग के बीच, एक स्टार्ट-अप कंपनी इस्तेमाल किए गए टायरों को बैटरी में बदलकर कारों को और भी अधिक टिकाऊ बनाने पर विचार कर रही है। अधिकांश इलेक्ट्रिक वाहन लिथियम-आयन बैटरी पर चलते हैं। लेकिन आलोचकों का कहना है कि यह बैटरियां पर्यावरण के लिए अनुकूल और टिकाऊ होने से कोसों दूर हैं। इसी कारण से चिली स्थित टी-फ़ाइट नाम की कंपनी का कहना है कि वह पुराने टायरों को बैटरी में बदल सकती है।

इस प्रक्रिया में इस्तेमाल किए गए टायरों को पायरोलिसिस नामक प्रोसेस से गुज़ारा जाता है, जिसमें अत्यधिक गर्मी के कारण टायरों छोटे अणुओं में टूट जाते हैं। इन अणुओं से तीन प्राथमिक बाइप्रोडक्ट बनते हैं — पायरोलाइटिक ऑइल, स्टील और कार्बन ब्लैक, जो एक ऐसा पदार्थ जिसमें ग्रेफाइट होता है। बैटरी के भीतर ग्रेफाइट की आवश्यक होती है।

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