क्लाइमेट चैंपियन’ फंसा कोयले और गैस की जाल में
विश्व मंच पर साफ ऊर्जा के तमाम वादों के बावजूद कोल पावर को लेकर भारत
विश्व मंच पर साफ ऊर्जा के तमाम वादों के बावजूद कोल पावर को लेकर भारत
मुंबई में जुलाई की शुरुआत मूसलाधार बरसात के साथ हुई। पूरा शहर जैसे थम गया।
एक ओर इस साल के आर्थिक सर्वे में कहा गया है कि खेतीबाड़ी में पानी का बेहद किफायत के
पर्यावरण के जानकारों को हैरानी है कि सरकार ने बजट में वायु प्रदूषण जैसी विकराल समस्या
इस साल के आर्थिक सर्वे ने भले ही 2030 तक साफ ऊर्जा के क्षेत्र में
ताज़ा आर्थिक सर्वे ने उन कारणों को गिनाया जो बैटरी वाहनों की राह में अड़चन हैं। पिछली
केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण (CEA) ने अपनी ताज़ा रिपोर्ट में कहा है कि 2030 तक देश में बिजली
ऐसा लगता है कि प्रदूषण मुक्त परिवहन के लिये चीन हाइड्रोज़न गैस को ईंधन के
साइंस जर्नल “साइंस एडवांसेज” में छपी रिसर्च से पता चलता है कि हिमालय में ग्लेशियरों के पिघलने
देश के तकरीबन हर हिस्से में पिछले दो महीनों में पानी के लिये हाहाकार मचा