लंबी छलांग: अमेरिका इलैक्ट्रिक कार कंपनी टेस्ला ने पिछले दिनों एप्पल और गूगल जैसी कंपनियों के क्लब में अपनी जगह बना ली। Photo: Pixabay

टेस्ला बनी एक लाख करोड़ डॉलर की कंपनी

अमेरिकी इलैक्ट्रिक कार कंपनी टेस्ला अब एक लाख करोड़ डॉलर की कंपनी (मार्केट वेल्यू)  बन गई है। उसने यह मुकाम हर्ट्ज (जो कि रेंटल कार कंपनी है) से 1 लाख बैटरी वाहनों के ऑर्डर के बाद हासिल किया जो अब तक का सबसे बड़ा ऑर्डर है। करीब 420 करोड़ डालर का यह सौदा करने के बाद अगले एक दशक में बैटरी वाहनों के बाज़ार में दबदबा कायम रखने का टेस्ला का इरादा और मज़बूत हो गया है। इस छलांग के बाद टेस्ला एप्पल, अमेज़न, माइक्रोसॉफ्ट और गूगल जैसी कंपनियों के क्लब में शामिल हो गई है। कंपनी के शेयर में करीब 15% का उछाल आया है और यह 1,000 डॉलर से अधिक का हो गया है। टेस्ला के मालिक इलॉन मस्क का कहना है कि उन्हें भी अपनी कंपनी की तरक्की की इस रफ्तार पर भरोसा नहीं हो रहा है। 

फॉक्सकॉन की नज़रें भारत, लैटिन अमेरिका और यूरोप पर 

ताइवान की टेक दिग्गज फॉक्सकॉन (2317.TW) यूरोप, भारत और लैटिन अमेरिका में इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) बनाने पर विचार कर रही है, जिसमें ‘अप्रत्यक्ष रूप से’ जर्मन वाहन निर्माताओं के साथ सहयोग करना भी शामिल है, चेयरमैन लियू यंग-वे ने बुधवार को कहा।

फॉक्सकॉन, जिसे औपचारिक रूप से हॉन हाई प्रिसिजन इंडस्ट्री कंपनी लिमिटेड कहा जाता है, वैश्विक ईवी बाजार में एक प्रमुख खिलाड़ी बनना चाहती है और इसने अमेरिकन स्टार्टअप फिस्कर इंक (एफएसआर.एन) और थाईलैंड के ऊर्जा समूह पीटीटी पीसीएल (पीटीटी.बीके) के साथ सौदे किए हैं। सोमवार को तीन ईवी प्रोटोटाइप्स का अनावरण करने के बाद, ताइपे में एक व्यापार मंच पर संवाददाताओं से बात करते हुए लियू ने कहा कि प्रकटीकरण पर प्रतिबंधों के कारण वह यूरोप, भारत और लैटिन अमेरिका के लिए अपनी योजनाओं का विवरण नहीं दे सकते।

उधर फ्रेंच तेल और गैस से जुड़ी कंपनी टोटल एनर्जी भारत में इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग पॉइंट के साथ-साथ लो-कार्बन हाइड्रोजन में निवेश करने पर विचार कर रही है। सेरावीक द्वारा आयोजित इंडिया एनर्जी फोरम को ऑनलाइन संबोधित करते हुए कंपनी के सीईओ पैट्रिक पॉयने ने कहा कि तेल और गैस में निवेश की कमी से दुनिया भर में और अधिक व्यवधान और समस्याएं पैदा होंगी।

हरियाणा करेगा अपनी बैटरी वाहन नीति की घोषणा 

हरियाणा के उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने कहा है कि उनकी सरकार अगले एक महीने में इलैक्ट्रिक वाहन नीति जारी करेगी। चौटाला राज्य के उद्योग और वाणिज्य मंत्री भी हैं। हरियाणा सरकार का कहना है कि वह निर्माताओं, खरीदारों और चार्जिंग स्टेशन लगाने वालों पर अपना फोकस केंद्रित कर विद्युत वाहन नीति बना रही है ताकि 2022 में उनकी अधिकतम बिक्री हो। हरियाणा उत्तर भारत के समृद्ध राज्यों में है और दिल्ली से सटे इस सूबे के कई इलाके अत्यधिक प्रदूषण की चपेट में रहते हैं। इलैक्ट्रिक वाहन किसी हद तक अति प्रदूषण वाले शहरों में हालात को बेहतर बनाने में मदद कर सकते हैं।   

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