ग्लोबल वॉर्मिंग: 1980-2020 के दौरान उत्तरी गोलार्ध में क्षोभ-सीमा का निरंतर विस्तार

Admin 17 नव॰. 2021
अनचाहा फैलाव: वायुमंडल की पहली परत ग्लोबल वॉर्मिंग के कारण लगातार फैल रही है | Photo: NASA

अनचाहा फैलाव: वायुमंडल की पहली परत ग्लोबल वॉर्मिंग के कारण लगातार फैल रही है | Photo: NASA


एक नए अध्ययन में पाया गया है कि पृथ्वी की क्षोभ-सीमा — क्षोभमंडल (ट्रोपोस्फियर) और समताप मंडल (स्ट्रेटोस्फियर) के बीच की वायुमंडलीय सीमा — 1980-2020 के दौरान लगातार अधिक ऊंचाई की ओर बढ़ी है। जिस वातावरण में हम रहते हैं उसकी पहली परत को ट्रोपोस्फियर या क्षोभमंडल कहा जाता है अध्ययनकर्ता क्षोभ-सीमा की ऊंचाई निर्धारित करने के लिए उत्तरी गोलार्ध में रेडियोसॉन्ड बैलून का उपयोग करते हैं, जिससे उन्हें पता चला है कि उनके परिणामों का मौजूदा उपग्रह और रेडियोसॉन्ड रिकार्ड्स के साथ ‘अच्छा तालमेल’ है।

अध्ययन में पाया गया है कि क्षोभ-सीमा की ऊंचाई में परिवर्तन मुख्य रूप से क्षोभमंडल में गर्माहट के कारण होता है। अध्ययनकर्ताओं के अनुसार यह निष्कर्ष ‘मानवजनित जलवायु परिवर्तन के पर्यवेक्षण के लिए और अधिक साक्ष्य’ प्रदान करता है’।

कोरोना महामारी से उपजा प्लास्टिक कचरा समा रहा है महासागरों में 

कोरोना महामारी से घिरे पिछले करीब 20 महीनों में फेस मास्क, दस्तानों और पीपीई किट के रूप में प्लास्टिक कचरा खूब जमा हुआ है। इसमें अधिकतर कचरा तालाबों, नदियों और समुद्र में जमा हो रहा है। इस कचरे के निस्तारण और प्रबन्धन की ओर ज़्यादातर देश समुचित ध्यान नहीं दे रहे। अब चीन की नानझिंग यूनिवर्सिटी के स्कूल ऑफ एटमॉस्फेरिक साइंसेज और यूसी सैन डिएगो के समुद्र विज्ञान विभाग के शोधकर्ताओं ने कहा है कि बड़ी मात्रा में ये कचरा महासागरों में जमा हो रहा है। शोधकर्ताओं ने एक सांख्यिकीय मॉडल तैयार किया है जो दिखाता है कि कैसे और कितना कचरा ज़मीन से महासागरों में जा रहा है। इस मॉडल के मुताबिक में जमा होने वाले कचरे में से करीब 80 लाख टन कचरा महामारी की उपज है।   

ग्रीनलैंड में पिछले 4 दशकों में तेज़ी से पिघल रही बर्फ 

अपनी तरह के पहले प्रयोग में वैज्ञानिकों ने सैटेलाइट डाटा के ज़रिये ग्रीनलैंड में पिघल रही बर्फ का आंकलन किया है। इस अध्ययन में पता चला है कि पिछले 4 दशकों में यहां बर्फ के पिघलने की रफ्तार 21 प्रतिशत बढ़ी है। नेचर कम्युनिकेशन में छपे शोध के मुताबिक साल 2010 से 2020 के बीच ग्रीनलैंड से पिघली बर्फ के कारण समुद्र सतह में करीब 1 सेंटीमीटर की वृद्धि हुई है। इसमें से एक तिहाई वृद्धि के लिये केवल दो साल (2012 और 2019) में पिघली बर्फ ज़िम्मेदार है। शोध बताता है कि यहां से करीब 3.5 लाख करोड़ टन बर्फ पिछले 40 सालों में पिछल गई है।  

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