अप्रैल-जून के दौरान पड़ेगी अत्यधिक गर्मी, यह राज्य होंगे ज्यादा प्रभावित

मौसम विभाग (आईएमडी) ने चेतावनी दी है कि अप्रैल से जून के बीच भारत में अत्यधिक गर्मी पड़ने वाली है। आईएमडी ने कहा है कि मध्य और पश्चिमी प्रायद्वीपीय भागों पर गर्मी का सबसे बुरा प्रभाव पड़ने की संभावना है। गौरतलब है कि देश में 19 अप्रैल से 1 जून तक सात चरणों में आम चुनाव होने वाले हैं।

पृथ्वी विज्ञान मंत्री किरेन रिजिजू ने एक प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि आम चुनावों के दौरान भारत में चरम मौसम की स्थिति रहने का अनुमान है। “यह हम सभी के लिए बहुत चुनौतीपूर्ण होने वाला है। इसलिए भारत के लिए पहले से तैयारी करना नितांत आवश्यक है,” उन्होंने कहा।

आईएमडी के महानिदेशक मृत्युंजय महापात्रा ने कहा कि 2024 के आम चुनावों के दौरान बाहरी गतिविधियां अधिक होंगीं और मतदाताओं और चुनाव कर्मचारियों पर हीटवेव से संबंधित स्वास्थ्य समस्याओं का खतरा बढ़ सकता है।

आईएमडी प्रमुख ने कहा कि अप्रैल-जून की अवधि के दौरान देश के अधिकांश हिस्सों में अधिकतम तापमान सामान्य से अधिक रहने की संभावना है, मध्य और पश्चिमी प्रायद्वीपीय भारत में इसकी संभावना अधिक है। उन्होंने कहा कि पश्चिमी हिमालय क्षेत्र, पूर्वोत्तर राज्यों और उत्तरी ओडिशा के कुछ हिस्सों में अधिकतम तापमान सामान्य या सामान्य से नीचे रहने की संभावना है।

अप्रैल-जून के दौरान मैदानी इलाकों के अधिकांश हिस्सों में हीटवेव वाले दिनों की संख्या सामान्य से अधिक रहने की संभावना है। आईएमडी ने कहा कि देश के विभिन्न हिस्सों में सामान्यतः चार से आठ दिनों की तुलना में 10 से 20 दिनों तक लू चलने की आशंका है। गुजरात, मध्य महाराष्ट्र, उत्तरी कर्नाटक, राजस्थान, मध्य प्रदेश, ओडिशा, उत्तरी छत्तीसगढ़ और आंध्र प्रदेश में हीटवेव का सबसे बुरा प्रभाव पड़ने की संभावना है।

आईएमडी प्रमुख ने कहा कि हालांकि अल नीनो की स्थिति कमजोर हो रही है, यह अप्रैल और मई के दौरान जारी रहेगी। ला नीना की स्थिति मानसून सीजन की दूसरी छमाही तक स्थापित होने की संभावना है, जिसके दौरान मानसूनी बारिश अच्छी होती है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.