Carbon Copy contributor.
विशेषज्ञों का कहना है कि अगर जस्ट ट्रांजीशन मौजूदा व्यवस्था के अन्याय को दोहराता है,
जलवायु परिवर्तन सम्मेलन से ठीक पहले यूएनईपी और प्रमुख रिसर्च संस्थानों की रिपोर्ट जीवाश्म ईंधन
भारत जब साफ ऊर्जा की ओर बढ़ने की बात कर रहा है तो उन लाखों
दुनिया के देशों ने हवा को साफ करने के बजाय प्रदूषण धुंआं फैलाने वाली परियोजनाओं
हवा में प्रदूषण के प्रबंधन के लिये बने कमिशन फॉर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट (CAQM) ने
उत्तराखंड के चमोली ज़िले में रैनी गांव अभी नाज़ुक हालात में है। इस साल फरवरी
सोमवार को प्रकाशित एक अध्ययन से पता चला है कि जलवायु परिवर्तन के कारण स्विटज़रलैंड
अब तक ये माना जा रहा है कि जलवायु परिवर्तन पलायन को बढ़ा रहा है
उत्तराखंड के जंगलों में लगी आग पर हाई कोर्ट ने प्रदेश के प्रधान मुख्य वन
दुनिया के 110 से अधिक देशों ने ‘नेट-ज़ीरो’ लक्ष्य तक पहुंचने के लिए वादा किया
बांग्लादेश ने नौ नई कोयला परियोजनाओं को रद्द करने की फैसला किया है। देश में
पिछले साल यानी 2020 में भारत में कुल 1.2 लाख लोग वायु प्रदूषण से मरे।
जिस प्रकार प्रदूषण और जलवायु परिवर्तन समुद्री जीवन के स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हैं उसी
बॉन स्थित पर्यावरण थिंक टैंक जर्मनवॉच द्वारा प्रकाशित ग्लोबल क्लाइमेट रिस्क इंडेक्स 2021 के मुताबिक,