फिर पराली का धुंआं, अक्टूबर में होगा दमघोंटू प्रदूषण
अक्टूबर आते-आते हर साल खेतों में पराली जलाने का मुद्दा दिल्ली-एनसीआर और उत्तर भारत में
अक्टूबर आते-आते हर साल खेतों में पराली जलाने का मुद्दा दिल्ली-एनसीआर और उत्तर भारत में
एक नई रिसर्च बताती है कि कोरोना महामारी के बाद ज़्यादातर देशों ने अर्थव्यवस्था सुधारने
सामान्य से अधिक बरसात के बाद अब सितंबर के आखिरी हफ्ते में मॉनसून का सीज़न
अक्षय ऊर्जा के ज़रिये भारत में 50 लाख लोगों को रोज़गार मिल सकता है लेकिन
नये बिजली संयंत्र निर्माण पर खर्च रोक कर और हजारों करोड़ रुपए लगाकर पुराने और
पर्यावरण का ज़िक्र होते ही जो पहली चीज़ दिमाग़ में आती है वो है एक
ख़बर है कि कोल इंडिया उन अंडरग्राउंड खदानों में फिर से काम शुरू कर रहा
भारत के ऊर्जा मंत्री ने ऑयल कंपनियों को सलाह दी है कि देश के सभी
दिल्ली स्थित क्लाइमेट ट्रेंडस और फिनलेंड की एलयूटी यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी के शोध में यह
मध्य प्रदेश के सिंगरौली क्षेत्र में दो कोयला बिजली घरों के राखड़ बांध (एश डेम)