एक ताज़ा रिपोर्ट के मुताबिक साल 2050 तक पूरी दुनिया में जिन 200 प्रान्तों, राज्यों या क्षेत्रों को बदलते क्लाइमेट प्रभावों का सर्वाधिक खतरा होगा उनमें आधे से अधिक एशिया में हैं।
एक्सडीआई बैंचमार्क सीरीज़ की इस रिपोर्ट में दुनिया के 2,600 क्षेत्रों को चुना गया और यह अध्ययन किया गया कि आठ क्लाइमेट प्रभावों के कारण इन क्षेत्रों में इंफ्रास्ट्रक्चर और दूसरे संसाधनों को कितनी क्षति होगी।
इस रिपोर्ट के मुताबिक जिन 50 प्रांतों या राज्यों को सर्वाधिक खतरा है उनमें 80 प्रतिशत चीन, अमेरिका या भारत में हैं।
चीन के बाद भारत के सबसे अधिक 9 राज्यों पर क्लाइमेट प्रभावों से तबाही होने का अंदेशा जताया गया है।
इन राज्यों में केरल, पंजाब, राजस्थान, यूपी, बिहार, तमिलनाडु, गुजरात, असम और महाराष्ट्र शामिल हैं।
क्लाइमेट प्रभाव जिन रूपों में दिखेगा उनमें बहुत अधिक और लंबा सूखा, मिट्टी का क्षरण, नदियों और समुद्र तटीय इलाकों में बाढ़ और बर्फीला, जमा देने वाला अप्रत्याशित मौसम शामिल है।
अन्य देश जहां के कई प्रांत और राज्य शीर्ष 50 में शामिल हैं उनमें प्रमुख हैं ब्राजील, पाकिस्तान और इंडोनेशिया। यूरोप के जो राज्य सूची में ऊपर हैं उनमें लंदन, मिलान, म्यूनिख और वेनिस के शहर शामिल हैं।
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