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नेपाल में ग्लेशियर ढहने से तबाही, मृतकों की संख्या 900 के पार; 4,000 से अधिक लापता
नेपाल में ग्लेशियर ढहने के बाद आई भीषण बाढ़ और मलबे ने बड़े पैमाने पर तबाही मचाई है, मृतकों की संख्या 939 पहुंच गई है और 4,000 से अधिक लोग लापता हैं। उधर मध्य प्रदेश के चित्रकूट में मंदाकिनी के उफान से करीब 1,000 लोगों को सुरक्षित निकाला गया है और कई राज्यों में बाढ़ का खतरा है। इसी बीच कई राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट भी जारी किया गया है। वहीं लखनऊ में बढ़ती गर्मी और उमस के कारण 2050 तक हर साल करीब 4,000 मौतें हो सकती हैं।
नेपाल त्रासदी: फिर उजागर हुई हिमालयी विकास मॉडल की विफलता
नेपाल की त्रासदी ने हिमालय में बदलते जलवायु संकट और अनियोजित विकास के खतरों पर फिर सवाल खड़े किए हैं। ग्लेशियरों और नदियों के बढ़ते जोखिम के बीच हाइड्रोपॉवर परियोजनाओं और निर्माण के मौजूदा मॉडल की समीक्षा की जरूरत बढ़ी है। इस बीच, ब्रिक्स देशों ने यूरोपीय संघ के कार्बन टैक्स का विरोध करते हुए विकसित देशों से अधिक जलवायु वित्त की मांग की है। वहीं, चीन 2028 में संयुक्त राष्ट्र जलवायु सम्मेलन की मेजबानी की दावेदारी पर विचार कर रहा है।
यमुना फ्लडप्लेन मामले में आर्ट ऑफ लिविंग को राहत, सुप्रीम कोर्ट ने एनजीटी का आदेश पलटा
यमुना फ्लडप्लेन मामले में आर्ट ऑफ लिविंग फाउंडेशन को बड़ी राहत देते हुए सुप्रीम कोर्ट ने एनजीटी द्वारा लगाया गया 5 करोड़ रुपए का पर्यावरणीय मुआवजा रद्द कर दिया है। उधर ओडिशा की सुकिंदा घाटी में क्रोमाइट खनन से जुड़े प्रदूषण की जांच में सरकारी समिति ने ड्रेनेज और जहरीले अपशिष्ट के उपचार में गंभीर खामियां पाई हैं। वहीं हिमाचल के मंडी में वन भूमि पर अवैध मटर की खेती में ग्लाइफोसेट के कथित इस्तेमाल को लेकर एफआईआर दर्ज करने की तैयारी है।
रूफटॉप सोलर योजना: 66 वेंडरों पर कार्रवाई
रूफटॉप सोलर योजना की रफ्तार बढ़ाने के लिए लंबित आवेदनों पर कार्रवाई करते हुए 66 वेंडरों को एक महीने के लिए डिएक्टिवेट किया गया है। वहीं एक अध्ययन के मुताबिक बैटरी स्टोरेज के साथ सौर ऊर्जा से करीब 5.15 रुपए प्रति यूनिट की लागत पर बिजली उपलब्ध कराई जा सकती है। लेकिन तकनीकी और वित्तीय चुनौतियों के बीच भारत को बैटरी स्टोरेज में आत्मनिर्भर बनने में एक दशक से अधिक समय लग सकता है। उधर, चीन ने जून में रिकॉर्ड पवन क्षमता स्थापित की।
सीएजी ने पाईं फेम योजना में खामियां, नियम तोड़ने वाली कंपनियों को 468 करोड़ रुपए का इंसेंटिव
फेम योजना में सीएजी ने बड़ी खामियां उजागर की हैं, जिसमें नियमों का उल्लंघन करने वाली कंपनियों को 468 करोड़ रुपए का इंसेंटिव दिया गया। चार्जिंग स्टेशन और इलेक्ट्रिक बसों से जुड़े लक्ष्यों को हासिल करने में भी सरकारी तंत्र पिछड़ा है। भारत ने 2030 तक नए वाहनों में ईवी की हिस्सेदारी 30% करने का लक्ष्य रखा है, जिसके लिए सार्वजनिक परिवहन और चार्जिंग नेटवर्क में बड़े निवेश की जरूरत है।