सीएजी ने पाईं फेम योजना में खामियां, नियम तोड़ने वाली कंपनियों को 468 करोड़ रुपए का इंसेंटिव

Editorial Team31 अग॰. 2026
सीएजी ने पाईं फेम योजना में खामियां, नियम तोड़ने वाली कंपनियों को 468 करोड़ रुपए का इंसेंटिव

नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (सीएजी) की रिपोर्ट में भारत की इलेक्ट्रिक वाहन प्रोत्साहन फेम योजना में गंभीर खामियां सामने आई हैं। रिपोर्ट के अनुसार, पांच वाहन निर्माताओं ने स्थानीय उत्पादन से जुड़ी शर्तों का उल्लंघन किया, फिर भी उन्हें 467.96 करोड़ रुपए के प्रोत्साहन दिए गए। ऑडिट में यह भी पाया गया कि मंजूर किए गए हजारों चार्जिंग स्टेशन समय पर शुरू नहीं हो सके।

योजना के ऑनलाइन पोर्टल में भी पर्याप्त जांच व्यवस्था नहीं थी और दावों की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन नहीं थी। फेम के दूसरे चरण में दिसंबर 2025 तक 5,195 इलेक्ट्रिक बसें तैनात हुईं, जबकि संशोधित लक्ष्य 6,862 था। ई-बसों के प्रदर्शन की निगरानी के लिए जरूरी केंद्रीय सर्वर भी समय पर तैयार नहीं हुआ। 

 

भारत ने 2030 तक 30% ईवी हिस्सेदारी का लक्ष्य रखा, निवेश की जरूरत

जलवायु परिवर्तन और बढ़ते प्रदूषण के बीच भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) को बढ़ावा देना जरूरी हो गया है। सरकार ने 2030 तक नए वाहनों के पंजीकरण में ईवी की हिस्सेदारी 30 फीसदी करने का लक्ष्य रखा है। दिल्ली में जनवरी 2027 के बाद केवल इलेक्ट्रिक तिपहिया और हल्के कमर्शियल वाहनों के पंजीकरण का प्रस्ताव है। 

हालांकि, विशेषज्ञों के मुताबिक केवल निजी ईवी बढ़ाने से प्रदूषण की समस्या का समाधान नहीं होगा और सार्वजनिक परिवहन को मजबूत करना जरूरी है। सीएसई की रिपोर्ट के अनुसार, 2047 तक शहरी बसों की संख्या 65,000 से बढ़ाकर 6.71 लाख और इनमें 90 फीसदी बसों को इलेक्ट्रिक करना होगा। साथ ही सस्ता चार्जिंग नेटवर्क, आसान कर्ज, बैटरी रीसाइक्लिंग और इलेक्ट्रिक ट्रकों को बढ़ावा देने जैसे कदम भी जरूरी हैं।

 

चीन में पहली बार 60% से ज्यादा हुई घरेलू ईवी बिक्री

चीन में जुलाई 2026 में घरेलू नई ऊर्जा वाहनों (एनईवी) की बिक्री पहली बार कुल बिक्री की 60 फीसदी से अधिक हो गई। सेंटर फॉर रिसर्च ऑन एनर्जी एंड क्लीन एयर (क्रिया) के अनुसार, जुलाई में 15 लाख से अधिक एनईवी बिके, जो पिछले साल के मुकाबले 23.7 फीसदी अधिक हैं। एनईवी में इलेक्ट्रिक और अन्य नई ऊर्जा से चलने वाले वाहन शामिल हैं।

जुलाई में इन वाहनों का उत्पादन भी सालाना आधार पर 29.9 फीसदी बढ़ा। कुल वाहन उत्पादन में एनईवी की हिस्सेदारी 61 फीसदी रही, जो पिछले साल 47 फीसदी थी। चीन से एनईवी निर्यात में भी तेज उछाल आया और जुलाई में यह 50 लाख के आंकड़े से अधिक रहा। एनईवी ने चीन के कुल वाहन निर्यात में 53 फीसदी हिस्सेदारी दर्ज की।

Share

LinkedInXFacebook

लेखक के बारे में

Editorial Team

Editorial Team

A team of handpicked and dedicated writers committed to fact check each climate-related statement. They go to the roots and intent of each policy implemented, internationally and at home, to help you understand climate better.
लेखक के और लेख देखें