रूफटॉप सोलर योजना: 66 वेंडरों पर कार्रवाई
केंद्र ने पीएम सूर्य घर: मुफ़्त बिजली योजना के तहत पंजीकृत 66 वेंडरों को बड़ी संख्या में लंबित रूफटॉप सोलर आवेदनों का निपटारा नहीं करने पर एक महीने के लिए डिएक्टिवेट कर दिया है। मेरकॉम के मुताबिक, इन वेंडरों को लंबित आवेदनों का बैकलॉग खत्म करने के लिए 30 दिन का समय दिया गया है।
पोर्टल के आंकड़ों के विश्लेषण में पाया गया कि अप्रैल-जून 2026 के दौरान कुछ वेंडरों के पास उनकी वास्तविक इंस्टॉलेशन क्षमता की तुलना में कई गुना अधिक आवेदन जमा हो गए थे। मंत्रालय के अनुसार, इस तरह आवेदन जमा करते रहना ‘आर्टिफिशियल होर्डिंग’ की स्थिति पैदा करता है, जिससे उपभोक्ताओं के पास वेंडर चुनने के विकल्प सीमित होते हैं और सब्सिडी मिलने में देरी हो सकती है।
सोलर-प्लस-स्टोरेज से 5.15 रु प्रति यूनिट में 24x7 बिजली संभव: अध्ययन
बैटरी स्टोरेज के साथ सौर ऊर्जा से 24 घंटे अक्षय बिजली करीब 5.15 रुपए प्रति यूनिट की अनुमानित लागत पर उपलब्ध कराई जा सकती है। यह सोलर एनर्जी कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (एसईसीआई) की हालिया 1,000 मेगावॉट नीलामी में मिली 5.25 रुपए प्रति यूनिट की दर से कम है। यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफोर्निया, बर्कले के इंडिया एनर्जी एंड क्लाइमेट सेंटर के अध्ययन में 10 राज्यों के 10 वर्षों के प्रति घंटे के मौसम संबंधी आंकड़ों का इस्तेमाल किया गया।
अध्ययन के अनुसार, राजस्थान में 3 गीगावॉट का सोलर प्लांट और 12 गीगावॉट-ऑवर बैटरी स्टोरेज एसईसीआई की निर्धारित बिजली आपूर्ति प्रोफाइल को पूरा कर सकता है। जम्मू-कश्मीर, राजस्थान और गुजरात में 3 गीगावॉट सोलर और 12 गीगावॉट-ऑवर स्टोरेज से वार्षिक जरूरत पूरी हो सकती है, जबकि अन्य राज्यों में करीब 3.5 गीगावॉट सोलर क्षमता की जरूरत होगी।
भारत को बैटरी स्टोरेज में आत्मनिर्भर बनने में लगेंगे 10 साल: रिपोर्ट
भारत को बैटरी स्टोरेज में आत्मनिर्भर बनने में करीब एक दशक और लग सकता है। वुड मैकेंज़ी की रिपोर्ट के अनुसार, 2026 में देश में केवल 2 गीगावॉट-ऑवर की बैटरी सेल निर्माण क्षमता उपलब्ध है, जबकि मांग करीब 260 गीगावॉट-ऑवर है। बैटरी सेल बैटरी की वह मुख्य इकाई है जिसमें ऊर्जा जमा होती है। रिपोर्ट के मुताबिक, 2035 तक 226 गीगावॉट-ऑवर से अधिक नई क्षमता की घोषणा हुई है, लेकिन परियोजनाओं में देरी, वित्तीय दिक्कत और विदेशी तकनीक पर निर्भरता बड़ी चुनौतियां हैं। भारत की घरेलू सेल आयातित सेल से 25-40 फीसदी महंगी हो सकती हैं। चीन दुनिया की बैटरी आपूर्ति श्रृंखला की 85-98 फीसदी क्षमता नियंत्रित करता है। भारत फिलहाल बैटरी पैक और अन्य उपकरणों का स्थानीय उत्पादन बढ़ाने पर ध्यान दे रहा है।
चीन में जून में विंड पावर क्षमता वृद्धि का नया रिकॉर्ड
चीन ने जून 2026 में 13.6 गीगावॉट नई पवन ऊर्जा क्षमता जोड़ी, जो इस महीने के लिए अब तक का रिकॉर्ड है। सेंटर फॉर रिसर्च ऑन एनर्जी एंड क्लीन एयर (क्रिया) के मुताबिक, 2026 के पहले छह महीनों में चीन ने 38.6 गीगावॉट नई विंड पावर क्षमता जोड़ी। यह 2025 की इसी अवधि की तुलना में 25% कम है, लेकिन जनवरी-जून की अवधि में कुल नई पवन क्षमता किसी भी पूरे कैलेंडर वर्ष की तुलना में अधिक रही है, सिवाय 2025 के। इसी अवधि में चीन ने 72.1 गीगावॉट सौर क्षमता जोड़ी, जो 2025 के असाधारण ऊंचे स्तर से 66% कम है। वहीं, हाइड्रोपावर क्षमता में 53% की वृद्धि के साथ 6 गीगावॉट और परमाणु ऊर्जा क्षमता में 3.6 गीगावॉट का इजाफा हुआ। सौर क्षमता में गिरावट की प्रमुख वजह 2025 में नीति संबंधी समयसीमा से पहले परियोजनाओं को पूरा करने की होड़ रही।