नेशनल क्लीन एयर प्रोग्राम के 5 साल: क्या है शहरों में प्रदूषण का हाल
नेशनल क्लीन एयर प्रोग्राम (एनसीएपी) को लॉन्च हुए पांच साल बीत चुके हैं, और इसके
नेशनल क्लीन एयर प्रोग्राम (एनसीएपी) को लॉन्च हुए पांच साल बीत चुके हैं, और इसके
अंतर्राष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी (आईईए) ने गुरुवार को जारी अपनी रिपोर्ट में कहा है कि 2023
केंद्र सरकार फास्टर अडॉप्टेशन एंड मैनुफैक्चरिंग ऑफ इलेक्ट्रिक व्हीकल्स, यानी फेम योजना के तीसरे चरण
दिसंबर 2023 में भारत में कोयला उत्पादन 92.87 मिलिटन टन हुआ जो एक साल पहले
सुप्रीम कोर्ट ने बीते गुरुवार शिमला डेवलपमेंट प्लान (एसडीपी) 2041 को अनुमति दे दी जिसके
नेशनल क्लीन एयर प्रोग्राम (एनसीएपी) को लॉन्च हुए पांच साल बीत चुके हैं, और इसके
नासा के पूर्व वैज्ञानिक जेम्स हैनसन ने चेतावनी दी है कि इस साल मई तक
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग ने कहा है कि 2023 देश में 1901 से दूसरा सबसे
मौजूदा नीतियों के आधार पर, आईईए की रिपोर्ट में अनुमान लगाया गया है कि 2026 तक कोयले की मांग में कमी होगी, लेकिन यदि अंतर्राष्ट्रीय जलवायु लक्ष्यों को पूरा करने की दिशा में तेजी से गिरावट लाने की जरूरत है तो इसके लिए और अधिक प्रयास करने होंगे।
लंबी खींचतान के बाद आखिरकार दुबई वार्ता में एक नये क्लाइमेट प्रस्ताव पर सहमति हो