रूस के कोयला भंडार 5 सदियों के लिए पर्याप्त, भारत करेगा आयात
रूस के कोयला भंडार 500 सालों से अधिक की मांग पूरी करने के लिए पर्याप्त
रूस के कोयला भंडार 500 सालों से अधिक की मांग पूरी करने के लिए पर्याप्त
जलवायु परिवर्तन और काराकोरम विसंगति के कारण पश्चिमी नदियों के मुकाबले पूर्वी नदियां समय से पहले सूखने लगेंगी। अतः जल के न्यायसंगत बंटवारे के लिए संधि की समीक्षा जरूरी है।
नई दिल्ली में शुक्रवार सुबह भारी बारिश और तेज हवाओं के कारण नजफगढ़ में एक
एक कनाडाई कंपनी की अमेरिकी सब्सिडरी ने डीप सीबेड माइनिंग की अनुमति के लिए अमेरिका
इस साल दिल्ली ने तीन वर्षों में सबसे गर्म और सबसे प्रदूषित अप्रैल का अनुभव
भारत का लक्ष्य 2030 तक 500 गीगावाट अक्षय ऊर्जा क्षमता प्राप्त करना है। हालांकि, हालिया
द एनर्जी एंड रिसोर्सेज इंस्टिट्यूट (टेरी) के एक नए अध्ययन में कहा गया है कि
भारत ने 2023-24 में 21 बिलियन डॉलर (1.7 लाख करोड़ रुपए) का कोयला आयात किया।
विशेषज्ञों का कहना है कि फौरी तौर पर समझौता स्थगित हो सकता है, लेकिन समझौते पर दीर्घकालिक कदम उठाने से पहले भारत को व्यापक रणनीति बनानी होगी।
वैश्विक क्लाइमेट फाइनेंस ज़रूरत से काफी कम है, इसलिए भारत को सस्टेनेबिलिटी की ओर खुद का मार्ग बनाना होगा। यानि फंडिंग गैप को भरने के लिए धरेलू संसाधनों, नए वित्तीय विचारों और स्मार्ट निवेश का सहारा लेना होगा।