मद्रास हाइकोर्ट ने “स्थाई रूप से बन्द” किया वेदांता का प्लांट

Editorial Team20 अग॰. 2020
इकोनोमी से ऊपर है पर्यावरण: मद्रास हाइकोर्ट ने टुथकुंडी में कॉपर स्मेल्टर दोबारा खोलने की वेदांता की याचिका को खारिज करते हुये कहा है कि प्रदूषण करने वाले को कीमत चुकाने ही चाहिये | Photo: The New Indian Express

इकोनोमी से ऊपर है पर्यावरण: मद्रास हाइकोर्ट ने टुथकुंडी में कॉपर स्मेल्टर दोबारा खोलने की वेदांता की याचिका को खारिज करते हुये कहा है कि प्रदूषण करने वाले को कीमत चुकाने ही चाहिये | Photo: The New Indian Express


मद्रास हाइकोर्ट ने वेदांता की उस याचिका को खारिज कर दिया है जिसमें कंपनी ने अपने कॉपर स्मेल्टर   को फिर से चलाने की अनुमति मांगी थी।  यह प्लांट दो साल पहले 13 प्रदर्शनकारियों की पुलिस फायरिंग में मौत के बाद बन्द किया गया था। वेदांता का कहना है कि उस पर पर्यावरण को क्षति पहुंचाने आरोप गलत हैं और पुलिस फायरिंग के बाद प्लांट को बतौर “राजनीतिक कार्रवाई” बन्द किया गया है। हालांकि अदालत ने अपना आदेश प्रदूषण पर आधारित रखा और कहा है “प्रदूषण करने वाले भुगते” सिद्धांत लागू होना चाहिये। साल 2018 में हज़ारों लोग दक्षिण भारत के टूथकुंडी में वेदांता के खिलाफ सड़कों पर उतरे। वेदांता ने अपनी याचिका में कहा कि प्लांट का बन्द होना “अर्थव्यवस्था पर चोट” है लेकिन कोर्ट ने 815 पन्नों के फैसले में कहा, “अदालतों का हमेशा मानना रहा है कि जब भी अर्थव्यवस्था और पर्यावरण में से किसी एक को चुनना हो तो पर्यावरण सर्वोपरि है।” 

मुंबई को “गैस चेंबर” बनाने के लिये पेट्रो कंपनियों पर जुर्माना 

नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने मुंबई के अंबापाड़ा, महुल और चेम्बूर को “गैस चेंबर” बनाने के लिये पेट्रोलियम कंपनियों पर कुल 286 करोड़ रूपये का जुर्माना किया है। कोर्ट ने यह जुर्माना बीपीसीएल और एचपीसीएल समेत चार कंपनियों पर लगाया है जिन पर हवा में प्रदूषण करने वाला वोलेटाइल ऑर्गेनिक कम्पाउंड (वीओसी) फैलाने के लिये लगाया गया है। साल 2015 में अंबापाड़ा, महुल और चेम्बूर के निवासियों पर एक सर्वे किया गया जिसमें यहां बड़ी संख्या में लोगों ने सांस की तकलीफ की शिकायत की। महुल में 67.1% लोगों ने महीने में 3 से अधिक बार सांस की तकलीफ की शिकायत की। 76.3% लोगों ने कहा कि सभी मौसमों में उन्हें तकलीफ होती है। इसके अलावा 86.6% लोगों ने आंख में जलन और 84.5% लोगों ने छाती में दर्द की शिकायत की। 

सीमेंट निर्माताओं को फ्लाई ऐश सप्लाई करेगा NTPC 

सरकारी पावर कंपनी NTPC ने बिजलीघरों से निकलने वाली खतरनाक फ्लाई ऐश को सीमेंट बनाने वाली कंपनियों को भेजना शुरू कर दिया है। NTPC ने 3000 मेगावॉट के रिहन्द पावर प्लांट से यूपी के अमेठी फ्लाई ऐश भेजी। प्लांट के पास सूखी राख रेलवे बोगियों में लादने की सुविधा है। जानकार कहते हैं कि इस कदम से सिंगरौली-सोनभद्र इलाके में लगातार जमा हो रही खतरनाक फ्लाई ऐश का दबाव कम किया जा सकता है। यूपी-मध्यप्रदेश बॉर्डर पर इस क्षेत्र में 9 बड़े थर्मल पावर स्टेशन हैं जिनमें 3 सरकारी कंपनी NTPC के प्लांट हैं। यूपी और मध्य प्रदेश में कुल 51,000 मेगावॉट क्षमता के पावर स्टेशन हैं जिनमें आधी बिजली सोनभद्र-सिंगरौली के इलाके में पैदा होती है। 

लॉकडाउन के बाद बिके दोयम दर्जे के BS-IV वाहनों का पंजीकरण नहीं 

सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली-एनसीआर में बिके उन सभी खराब क्वॉलिटी के BS-IV वाहनों के पंजीकरण के लिये अनुमति देने से मना कर दिया है जिन्होंने रजिस्ट्रेशन के लिये 31 मार्च की समयसीमा का पालन नहीं किया। हालांकि देश के दूसरे हिस्सों में मार्च में बिके वो वाहन पंजीकृत हो पायेंगे जिनका रजिस्ट्रेशन कोरोना लॉकडाउन की वजह से नहीं हो पाया था। कोर्ट ने यह फैसला ऑटो डीलर्स की लॉबी FADA द्वारा दायर उस शपथपत्र के बाद दिया जिसमें बिके वाहनों का विवरण था जिनका रजिस्ट्रेशन नहीं हो पाया है।

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