भारत ने कॉप33 की मेज़बानी का प्रस्ताव वापस लिया

Editorial Team16 अप्रैल. 2026
भारत ने कॉप33 की मेज़बानी का प्रस्ताव वापस लिया

भारत ने 2028 में प्रस्तावित कॉप33 जलवायु शिखर सम्मेलन की मेजबानी का अपना प्रस्ताव वापस ले लिया है। यह जानकारी आधिकारिक सूत्रों ने दी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2023 में दुबई में आयोजित कॉप28 सम्मेलन में भारत की उम्मीदवारी की घोषणा की थी, जिसे कई देशों का समर्थन भी मिला था। पर्यावरण मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने पुष्टि की कि यह निर्णय हाल ही में औपचारिक रूप से लिया गया। हालांकि, मंत्रालय की ओर से अब तक कोई सार्वजनिक बयान नहीं आया है।

सूत्रों के अनुसार, सरकार ने 2 अप्रैल को एशिया-प्रशांत समूह को पत्र लिखकर अपनी उम्मीदवारी वापस ली। इसके पीछे 2028 में अन्य बड़े आयोजनों की योजना और संभावित दबाव से बचने को कारण माना जा रहा है।

पूर्वप्रभावी पर्यावरण मंजूरी से जुड़ी याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट ने रिज़र्व किया फैसला

सुप्रीम कोर्ट ने नियमों का उल्लंघन करने वाली परियोजनाओं को पूर्वप्रभावी रूप से पर्यावरण मंजूरी देने की नीति से जुड़े मामलों पर फैसला सुरक्षित रख लिया है। अदालत ने 49 याचिकाओं पर छह दिन सुनवाई के बाद पक्षों से लिखित नोट मांगे हैं। केंद्र सरकार ने कहा है कि यह नीति सभी परियोजनाओं को राहत नहीं देती और सख्त शर्तों के साथ लागू होती है। वहीं, याचिकाकर्ताओं ने इसका विरोध करते हुए कहा कि इससे नियमों के उल्लंघन को बढ़ावा मिलेगा।

मामला 2025 के एक फैसले से जुड़ा है, जिसमें पहले ऐसी मंजूरी पर रोक लगी थी, लेकिन बाद में संशोधित आदेश में शर्तों के साथ अनुमति दे दी गई।

सुनवाई के दौरान अदालत में यह भी मुद्दा उठा कि क्या जुर्माना भरकर नियमों के उल्लंघन को वैध बनाया जा सकता है। याचिकाकर्ताओं ने इसे पर्यावरण कानूनों की भावना के खिलाफ बताया और सख्त अनुपालन की मांग की। वहीं, केंद्र ने दलील दी कि पुराने प्रोजेक्ट्स को बंद करने से भारी आर्थिक नुकसान हो सकता है और इसलिए संतुलित दृष्टिकोण जरूरी है।

अदालत का अंतिम फैसला इस मुद्दे पर आगे की नीति तय करने में अहम माना जा रहा है।

भारतीय शहरों में रात में चल रही लू, हीट एक्शन प्लान बदलने की जरूरत

भारत के शहरों में हीटवेव का खतरा अब सिर्फ दिन की गर्मी तक सीमित नहीं रहा है। एक नए अध्ययन में पाया गया है कि रात का तापमान और लगातार दिन-रात चलने वाली हीटवेव तेजी से बढ़ रही हैं। अभी के हीट एक्शन प्लान मुख्य रूप से दिन की गर्मी पर केंद्रित हैं, जिससे यह नया खतरा नजरअंदाज हो रहा है 2012 से 2022 के बीच अत्यधिक गर्मी वाली रातों की संख्या तेज़ी से बढ़ी है।

विशेषज्ञों के अनुसार, रात में तापमान ज्यादा रहने से शरीर को राहत नहीं मिलती और स्वास्थ्य जोखिम बढ़ जाते हैं। अध्ययन में वाराणसी में सबसे तीव्र रात की हीटवेव दर्ज की गई। विशेषज्ञों ने कूल रूफ, हरियाली और बेहतर वेंटिलेशन जैसे उपाय अपनाने की सलाह दी है।  

भूजल के अत्यधिक दोहन पर संसदीय समिति ने जताई चिंता

भारत दुनिया में भूजल का सबसे बड़ा उपयोगकर्ता है और वैश्विक भूजल उपयोग में इसकी हिस्सेदारी लगभग 25 प्रतिशत है। लोकसभा में पेश एक संसदीय समिति की रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई है। रिपोर्ट के अनुसार, देश में 245 अरब घन मीटर भूजल का दोहन होता है, जो पेयजल और सिंचाई की जरूरतों का बड़ा हिस्सा पूरा करता है।

समिति ने अत्यधिक दोहन पर चिंता जताते हुए कहा कि कई राज्यों और 267 जिलों में जल निकासी स्तर बहुत अधिक है। दिल्ली, हरियाणा, पंजाब और राजस्थान में दोहन 100 प्रतिशत से ऊपर है। सरकार ने कहा कि कुछ सुधार दिखे हैं, लेकिन दीर्घकालिक जल सुरक्षा के लिए कड़े कदम जरूरी हैं।

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