प्रायद्वीपीय भारत में दर्ज की गई 143 प्रतिशत अधिक वर्षा; फसल के नुकसान पर किसानों ने की मुआवजे की मांग

Admin 4 दिस॰. 2021
Credit: Deccan Herald

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एक पखवाड़े बाद भी प्रायद्वीपीय भारत में दक्षिण-पूर्वी मानसून का कहर जारी है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, इस क्षेत्र में 1 नवंबर से 25 नवंबर के बीच 143.4% अधिक वर्षा दर्ज की गई। चेन्नई और आंध्र प्रदेश के कुछ हिस्सों में बाढ़ का प्रकोप बना हुआ है।

बेमौसम बारिश और बाढ़ से फसलों को भारी नुकसान हुआ है। आंध्र प्रदेश के अनंतपुरमू जिले में किसानों ने फसल, विशेष रूप से केले की फसल, के नुकसान पर मुआवजे की मांग को लेकर एक महीने का विरोध मार्च शुरू किया, जो 170 गांवों होकर गुजरेगा और 780 किमी का सफर तय करेगा।

वहीं उत्तर में कश्मीर के किसानों ने कहा कि सेब की उनकी लगभग आधी फसल अग्रिम हिमपात के कारण बर्बाद हो गई। यह लगातार तीसरा साल है जब इस क्षेत्र में बेमौसम बर्फबारी ने सेब के बागानों को पूरी तरह ख़त्म कर दिया है। पिछले 20 वर्षों से इस क्षेत्र का जलवायु पैटर्न धीरे-धीरे बदल रहा है, लेकिन पिछले पांच वर्षों में यह प्रवृत्ति तेज हो गई है। विशेषज्ञों के अनुसार जलवायु संकट उत्पादन को ज्यादा से ज्यादा प्रभावित करेगा, और हो सकता है अगले कुछ वर्षों में बागों को बनाए रखना भी असंभव हो जाए।

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