गुरुग्राम में भारी बारिश से जलभराव, घंटों स्कूल बसों में फंसे रहे बच्चे

Editorial Team25 अग॰. 2026
फोटो: @GargiRawat/X

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गुरुग्राम में सोमवार को हुई भारी बारिश ने शहर की रफ्तार थाम दी और सबसे ज्यादा मुश्किल में स्कूली बच्चे फंसे। जलभराव के कारण कई स्कूल बसें घंटों तक सड़कों पर अटकी रहीं। परेशान अभिभावकों को अपने बच्चों तक पहुंचने के लिए घुटनों और कुछ जगहों पर कमर तक भरे पानी में उतरना पड़ा।

सेक्टर 47 के एक स्कूल से दोपहर करीब 12.30 बजे निकली कक्षा दो की एक छात्रा को अपने घर पहुंचने में करीब आठ घंटे लग गए। कई अन्य बच्चे भी तीन से छह घंटे तक बसों में फंसे रहे। सुभाष चौक के पास एक दर्जन से ज्यादा स्कूल बसें लंबे समय तक पानी में फंसी रहीं।

बारिश ने गुरुग्राम की शहरी इंफ्रास्ट्रक्चर की कमजोरियां भी उजागर कर दीं। जलभराव के कारण राजीव चौक, इफको चौक, नरसिंहपुर, सोहना रोड, रेलवे रोड, बसई रोड, मेहरौली रोड और पुराने गुरुग्राम के कई हिस्सों में यातायात प्रभावित हुआ।

दिल्ली-गुरुग्राम एक्सप्रेसवे का साइबर हब के पास एक बड़ा हिस्सा पानी में डूब गया, जबकि नाहरपुर अंडरपास और शीटला माता रोड भी जलभराव से प्रभावित रहे। अभिभावकों ने बारिश के दौरान शहर में बार-बार पैदा होने वाली ऐसी स्थिति पर नाराजगी जताई।

बारिश के कारण स्कूल बसों के अलावा एंबुलेंस और दूसरे वाहन भी फंस गए। ट्रैफिक पुलिस ने ड्रोन के जरिए जलभराव वाले इलाकों की निगरानी की।

स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन ने मंगलवार को सभी सरकारी और निजी स्कूलों में ऑनलाइन कक्षाएं चलाने का आदेश दिया है। निजी और कॉरपोरेट दफ्तरों को भी घर से काम करने की सलाह दी गई है। अभिभावकों ने शहर की जलनिकासी व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि बारिश के दौरान बच्चों का घंटों बसों में फंसा रहना गंभीर सुरक्षा चिंता है।

गौरतलब है कि ऐसी स्थिति में अधिकारी अक्सर जलवायु परिवर्तन के पीछे छिपने की कोशिश करते हैं लेकिन यह शहरी निर्माण के त्रुटिपूर्ण मॉडल का एक नमूना है।

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