बाढ़, भूस्खलन ने पहाड़ी राज्यों में मचाई तबाही, जम्मू में 11 की मौत; अमरनाथ यात्रा रुकी
दक्षिण-पश्चिम मानसून एक बार फिर पूरे देश में सक्रिय हो गया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने अगले कुछ दिनों तक उत्तर भारत के पहाड़ी राज्यों समेत कई इलाकों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश का अनुमान जताया है। इसके चलते जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में फ्लैश फ्लड, भूस्खलन और सड़कें बंद होने जैसी घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं।
आईएमडी के 19 जुलाई के ताजा बुलेटिन के अनुसार, 20 से 22 जुलाई के बीच जम्मू-कश्मीर में, जबकि 20 जुलाई को हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के कई इलाकों में अत्यधिक भारी बारिश हो सकती है। विभाग ने लोगों और प्रशासन को सतर्क रहने तथा अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी है।
सबसे गंभीर स्थिति जम्मू-कश्मीर के राजौरी और पुंछ जिलों में देखने को मिली, जहां शनिवार रात हुई मूसलाधार बारिश के बाद फ्लैश फ्लड और भूस्खलन ने भारी तबाही मचाई। कई गांवों में पानी और मलबा घुस गया, सड़कें और पुल क्षतिग्रस्त हो गए तथा राहत एवं बचाव अभियान चलाना पड़ा।
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, इस आपदा में कम से कम 11 लोगों की मौत हुई है और कई अन्य लापता हैं। प्रभावित क्षेत्रों में राष्ट्रीय और राज्य आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ और एसडीआरएफ) के साथ स्थानीय प्रशासन राहत कार्यों में जुटा है।
लगातार खराब मौसम को देखते हुए एहतियातन अमरनाथ यात्रा और माता वैष्णो देवी यात्रा को भी अस्थायी रूप से रोक दिया गया है। प्रशासन ने श्रद्धालुओं से मौसम सामान्य होने तक यात्रा स्थलों की ओर न जाने की अपील की है।
हिमाचल प्रदेश में भी आईएमडी के रेड अलर्ट के बाद प्रशासन हाई अलर्ट पर है। राज्य के कई संवेदनशील इलाकों में भूस्खलन की आशंका को देखते हुए निगरानी बढ़ा दी गई है। अधिकारियों ने बताया कि आपदा प्रबंधन दलों को तैयार रखा गया है और लोगों को नदी-नालों तथा भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूर रहने की सलाह दी गई है।
उत्तराखंड में भी लगातार बारिश के कारण कई पर्वतीय मार्गों पर भूस्खलन की घटनाएं सामने आई हैं। कई स्थानों पर सड़कें बंद होने से यातायात प्रभावित हुआ है और प्रशासन मशीनों की मदद से मार्ग खोलने में जुटा है। मौसम विभाग ने यहां भी अगले कुछ दिनों तक भारी बारिश और फ्लैश फ्लड की आशंका जताई है।
उत्तर भारत के अलावा मध्य, पूर्वोत्तर और पश्चिमी तटीय राज्यों में भी मानसून सक्रिय बना हुआ है। कोंकण-गोवा, पूर्वोत्तर भारत तथा उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में भी कई स्थानों पर भारी वर्षा का अनुमान है। मौसम विभाग का कहना है कि सक्रिय मानसूनी प्रणाली के कारण देश के अनेक हिस्सों में बारिश का दौर जारी रहेगा।
विशेषज्ञों का कहना है कि पहाड़ी क्षेत्रों में कम समय में अत्यधिक वर्षा होने से अचानक बाढ़ और भूस्खलन का खतरा काफी बढ़ जाता है। ऐसे में स्थानीय प्रशासन की चेतावनियों का पालन करना, नदी-नालों से दूर रहना और मौसम संबंधी आधिकारिक बुलेटिन पर नजर बनाए रखना बेहद जरूरी है।