गुजरात सरकार ने ईवी पॉलिसी जारी की

Editorial Team1 जुल॰. 2021
ईवी की ओर: नई नीति के तहत बैटरी वाहनों का बाज़ार बढ़ाने के लिये गुजरात सरकार करीब 870 करोड़ रुपये की सब्सिडी देगी।  फोटो: (Joenomias) Menno de Jong from Pixabay

ईवी की ओर: नई नीति के तहत बैटरी वाहनों का बाज़ार बढ़ाने के लिये गुजरात सरकार करीब 870 करोड़ रुपये की सब्सिडी देगी। फोटो: (Joenomias) Menno de Jong from Pixabay


गुजरात सरकार ने राज्य में विद्युत वाहनों (ईवी) का बाज़ार बढ़ाने के लिये अपनी ईवी पॉलिसी जारी की है। राज्य सरकार का लक्ष्य है कि साल 2025 तक 2 लाख बैटरी वाहन सड़क पर हों। इनमें 70 हज़ार इलैक्ट्रिक तिपहिया और 20 हज़ार इलैक्ट्रिक कार शामिल हैं। इस नीति में यह बात भी शामिल है कि हर हाउसिंग सोसायटी को चार्जिंग स्टेशन लगाने के लिये नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट देना पड़ेगा। राज्य सरकार अगले चार साल तक वाहनों की कीमत पर 10 हज़ार रुपये प्रति किलोवॉट के हिसाब से छूट भी देगी और इसका कुल खर्च 870 करोड़ रुपये आयेगा। सरकार का अनुमान है कि इस नीति के कारगर तरीके से लागू होने से 2025 तक कार्बन इमीशन में करीब 6 लाख टन कटौती होगी।  

विद्युत वाहन: कनाडा ने समय सीमा में 5 साल की कटौती की   

कनाडा सरकार ने पूरी तरह इलैक्ट्रिक वाहनों की बिक्री के लिये समय सीमा में 5 साल कटौती कर दी है। पहले कनाडा ने लक्ष्य रखा था कि साल 2040 से देश में पूरी तरह इलैक्ट्रिक वाहन ही बिकेंगे और आईसी इंजन (पेट्रोल, डीजल और गैस आधारित) वाहनों की बिक्री नहीं होगी लेकिन अब यह समय सीमा घटाकर 2035 कर दी गई है। इसका मतलब यह कि इस समय सीमा के बाद ऑटो निर्माता केवल पूरी तरह बैटरी से चलने वाले वाहन ही बना और बेच सकेंगे। महत्वपूर्ण है कि कनाडा में अभी कुल वाहनों की बिक्री में बैटरी वाहनों का हिस्सा केवल 4% ही है। हर नये बैटरी वाहन की बिक्री पर सरकार कुछ छूट देगी जिसके लिये 60 करोड़ डॉलर का बजट रखा है।

Share

LinkedInXFacebook

लेखक के बारे में

Editorial Team

Editorial Team

A team of handpicked and dedicated writers committed to fact check each climate-related statement. They go to the roots and intent of each policy implemented, internationally and at home, to help you understand climate better.
लेखक के और लेख देखें