दिल्ली-एनसीआर में बिगड़ा हवा का स्तर, ग्रैप-2 प्रतिबंध लागू

Editorial Team2 नव॰. 2026
दिल्ली-एनसीआर में बिगड़ा हवा का स्तर, ग्रैप-2 प्रतिबंध लागू

दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण का स्तर बढ़कर 'बेहद खराब' श्रेणी में पहुंचने के बाद वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) ने सोमवार को ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (ग्रैप) के दूसरे चरण के तहत प्रतिबंध लागू कर दिए। दिल्ली का वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) सोमवार को 324 दर्ज किया गया, जो रविवार को 261 और शनिवार को 117 था।

भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) और भारतीय उष्णकटिबंधीय मौसम विज्ञान संस्थान (आईआईटीएम) ने आने वाले दिनों में भी हवा की गुणवत्ता 'बेहद खराब' रहने का अनुमान जताया है।

इससे पहले, सर्दियों में प्रदूषण पर अंकुश लगाने के लिए सीएक्यूएम ने 1 नवंबर से दिल्ली और एनसीआर के पांच जिलों में धूल पैदा करने वाली निर्माण और तोड़फोड़ गतिविधियों पर 15 दिन की रोक सहित कई एहतियाती प्रतिबंध लागू किए थे। इसके तहत सरकारी और निजी कार्यालयों में 50 प्रतिशत कर्मचारियों के लिए वर्क फ्रॉम होम अनिवार्य किया गया है।

दिल्ली सरकार की शीतकालीन प्रदूषण कार्ययोजना के तहत 31 जनवरी 2027 तक गैर-बीएस6 वाहनों के दिल्ली में प्रवेश और परिचालन पर भी रोक रहेगी। हालांकि, इलेक्ट्रिक, सीएनजी और आपातकालीन वाहनों को इससे छूट दी गई है। वैध प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र (पीयूसी) के बिना वाहनों को ईंधन नहीं मिलेगा। नियमों के पालन के लिए पेट्रोल पंपों पर स्वचालित नंबर प्लेट पहचान (एएनपीआर) कैमरे लगाए गए हैं। इसके अलावा पार्किंग शुल्क बढ़ाने और सरकारी कार्यालयों के समय में बदलाव जैसे कदम भी उठाए गए हैं।

 

सुप्रीम कोर्ट ने दी दिवाली पर सीमित अवधि में ग्रीन पटाखों की अनुमति

सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली-एनसीआर में दिवाली के अवसर पर 7 और 8 नवंबर को सुबह छह से सात बजे तथा रात आठ से 10 बजे तक हरित पटाखे जलाने की अनुमति दी है। न्यायमूर्ति एम एम सुंदरेश और न्यायमूर्ति प्रसन्ना वराले की पीठ ने स्पष्ट किया कि 9 नवंबर से पटाखों पर पहले से लागू पूर्ण प्रतिबंध फिर प्रभावी हो जाएगा। 

अदालत ने कहा कि दिवाली का धार्मिक, सामाजिक और भावनात्मक महत्व है, लेकिन पर्यावरण को नुकसान पहुंचाना उत्सव के उद्देश्य को ही विफल करता है। पीठ ने कहा कि पूर्ण प्रतिबंध के बावजूद पारंपरिक पटाखों की अवैध बिक्री जारी है और वैध हरित पटाखों की खरीद भी बाधित हो रही है। अधिकारियों को बिक्री और इस्तेमाल पर निगरानी, अवैध पटाखों की जब्ती तथा वायु गुणवत्ता की निगरानी के निर्देश दिए गए हैं। अदालत ने प्रदूषण से जुड़े स्वास्थ्य प्रभावों और मरीजों की संख्या का भी आकलन करने को कहा।

 

दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण फैलाने वाली औद्योगिक इकाइयों पर बंदी की तलवार

दिल्ली-एनसीआर में सर्दियों के दौरान वायु प्रदूषण पर अंकुश लगाने के लिए केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) ने प्रदूषण नियंत्रण उपकरण नहीं लगाने वाले औद्योगिक इकाइयों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। सीपीसीबी ने 30 अक्टूबर को जारी आदेश में दिल्ली, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और राजस्थान के प्रदूषण नियंत्रण अधिकारियों से ऐसे उद्योगों को तत्काल कारण बताओ नोटिस जारी करने को कहा है, जिन्होंने वायु प्रदूषण नियंत्रण उपकरण (एपीसीडी) लगाने या पुराने उपकरणों को अपग्रेड करने के लिए अब तक कार्यादेश नहीं दिए हैं।

पांच दिन के भीतर कार्यादेश का संतोषजनक प्रमाण नहीं देने वाली इकाइयों को बंद करने का निर्देश दिया जाएगा। ये इकाइयां तब तक बंद रहेंगी, जब तक वे उपकरण लगाने का विश्वसनीय समयबद्ध कार्यक्रम प्रस्तुत नहीं करतीं। कार्रवाई 17 अत्यधिक प्रदूषणकारी उद्योग श्रेणियों पर लागू है। इन उद्योगों के लिए पार्टिकुलेट मैटर उत्सर्जन की सीमा 50 मिलीग्राम प्रति घन मीटर निर्धारित है।

 

दिल्ली: 10 साल में सबसे साफ़ रही अक्टूबर की हवा 

दिल्ली में अक्टूबर 2026 के दौरान एक दशक से अधिक समय में सबसे साफ हवा दर्ज की गई, जबकि चार साल में इस महीने की सर्वाधिक बारिश हुई। सेंटर फॉर रिसर्च ऑन एनर्जी एंड क्लीन एयर (सीआरईए) के विश्लेषण के मुताबिक, अक्टूबर में दिल्ली का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 167 रहा, जो 2015 के बाद अक्टूबर का सबसे कम औसत है।

अक्टूबर 2025 में यह 223 और 2024 में 234 दर्ज किया गया था। दिल्ली में 30 अक्टूबर की सुबह तक 123.3 मिमी बारिश हुई, जो 1954 के बाद अक्टूबर में चौथी सर्वाधिक वर्षा है। शुक्रवार को 24 घंटे में 61.4 मिमी बारिश दर्ज की गई। इस दिन एक्यूआई गिरकर 60 पर पहुंच गया, जो अक्टूबर 2022 के बाद इस महीने का सबसे साफ दिन रहा। वहीं, 30 अक्टूबर को अधिकतम तापमान 20.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो 2011 के बाद अक्टूबर का सबसे ठंडा दिन रहा।

 

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