ई20 में संदूषण को लेकर वाहन निर्माताओं में चिंता: रिपोर्ट

Editorial Team17 अग॰. 2026
ई20 में संदूषण को लेकर वाहन निर्माताओं में चिंता: रिपोर्ट

भारत में 20 प्रतिशत इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल (ई20) की गुणवत्ता को लेकर वाहन कंपनियों की चिंताएं सामने आई हैं। रॉयटर्स ने कंपनियों के बीच हुए ईमेल और आंतरिक आंकड़ों की समीक्षा के आधार पर बताया कि मारुति सुजुकी, टाटा मोटर्स और महिंद्रा ने पेट्रोल में क्लोराइड और नमी के ऊंचे स्तर पर चिंता जताई थी।

कंपनियों ने एक साल में 21 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों से 250 से अधिक पेट्रोल नमूने लिए। इनमें 18 राज्यों में कई नमूनों में क्लोराइड की मात्रा अधिक पाई गई। राजस्थान में क्लोराइड 570 पीपीएम और दिल्ली में 420 पीपीएम तक दर्ज किया गया, जबकि सरकार की स्वीकार्य सीमा 3 पीपीएम बताई गई है। आंध्र प्रदेश और उत्तर प्रदेश में नमी का स्तर भी तय सीमा से काफी अधिक मिला।

सोसाइटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स (एसआईएएम) ने 28 जुलाई को सरकार को भेजी ईंधन संदूषण (contamination) संबंधी शिकायत बाद में वापस ले ली। संगठन ने कहा कि आंकड़ों की पुष्टि जरूरी है और नमूने पर्याप्त नहीं थे।

सरकार और सरकारी तेल कंपनियों ने कहा है कि जांच में व्यापक संदूषण नहीं मिला और चिंता की कोई वजह नहीं है। महिंद्रा ने भी ई20 को लेकर किसी समस्या से इनकार किया है।

 

ऊर्जा सुरक्षा के लिए तेल-गैस की खोज और ड्रिलिंग को प्राथमिकता: प्रधानमंत्री

स्वतंत्रता दिवस के भाषण में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले से कहा कि संसाधनों और रणनीतिक समुद्री मार्गों को हथियार की तरह इस्तेमाल किए जाने से भारत की आर्थिक सुरक्षा के सामने खतरा बढ़ रहा है। उन्होंने ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता बढ़ाने पर जोर दिया।

मोदी ने कहा कि ईंधन जैसे संसाधनों पर बाहरी निर्भरता का इस्तेमाल भू-राजनीतिक दबाव बनाने के लिए किया जा सकता है। ईरान के साथ युद्ध के कारण हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य में जहाजों की आवाजाही प्रभावित होने का असर ऊर्जा आपूर्ति पर पड़ा है। उन्होंने कहा कि भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों का करीब 90 प्रतिशत कच्चा तेल और लगभग आधी प्राकृतिक गैस आयात करता है।

सरकार ने घरेलू तेल-गैस खोज बढ़ाने के लिए 84,084 करोड़ रुपए की 'समुद्र मंथन' योजना मंजूर की है। इसके तहत गहरे समुद्री क्षेत्रों में तेल और गैस की खोज, सर्वेक्षण और ड्रिलिंग को बढ़ावा दिया जाएगा। सरकार ने तेल-गैस की खोज के लिए देश के 99 प्रतिशत तलछटी बेसिन भी खोल दिए हैं। साथ ही, भारत ने कच्चे तेल के आयात के स्रोत 27 से बढ़ाकर 41 देशों और एलएनजी के स्रोत छह से बढ़ाकर 15 देशों तक किए हैं, ताकि किसी एक क्षेत्र में संकट का असर कम हो।

सौर ऊर्जा उत्पादन भी 2 गीगावाट से बढ़कर 160 गीगावाट हो गया है।

 

पहली बार रूस ने भारत से मंगाया पेट्रोल

यूक्रेन के लगातार रूसी रिफाइनरियों पर हमलों के कारण घरेलू ईंधन की कमी बढ़ने के बीच रूस ने पहली बार भारत से पेट्रोल आयात करना शुरू किया है। ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट में केप्लर के आंकड़ों के हवाले से यह जानकारी दी गई है। पहला मालवाहक जहाज 5 अगस्त को रूस पहुंचा और आगे भी खेप आने की उम्मीद है।

रूस ने घरेलू मांग पूरी करने के लिए पेट्रोल और डीजल के निर्यात पर रोक लगा रखी है। भारत की नायरा एनर्जी, जिसमें रूस की तेल कंपनी रोसनेफ्ट की हिस्सेदारी है, पेट्रोल की आपूर्ति कर रही है। कंपनी की गुजरात के वाडिनार में प्रतिदिन चार लाख बैरल कच्चा तेल प्रसंस्करण की क्षमता वाली रिफाइनरी है।

आंकड़ों के मुताबिक, जुलाई में रूसी रिफाइनरियों में कच्चे तेल का प्रसंस्करण सामान्य स्तर से करीब एक-तिहाई कम रहा। यूक्रेन ने हाल में कई रूसी रिफाइनरियों को निशाना बनाया है, जिससे ईंधन संकट और गहरा गया है।

 

हॉर्मुज़ में जहाज पर हमले के बाद ईरान के क़ेश्म तट पर बड़ा तेल रिसाव

ईरान और अमेरिका-इजराइल के बीच जारी युद्ध के दौरान हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य में एक जहाज पर हुए हमले के बाद ईरान के क़ेश्म द्वीप के तट पर बड़े पैमाने पर तेल फैल गया है। बीबीसी वेरिफाई ने सोशल मीडिया पर साझा वीडियो की पुष्टि की है, जिनमें काला तेल सुज़ा बीच पर जमा दिख रहा है।

उपग्रह तस्वीरों के विश्लेषण के मुताबिक 3 अगस्त को ओमान के पास हमले की चपेट में आए मालवाहक जहाज 'मिनोअन पायोनियर' से तेल रिसाव हुआ। 10 अगस्त तक तेल 300 वर्ग किलोमीटर से अधिक क्षेत्र में फैल गया था। विशेषज्ञों के अनुसार इसमें एक लाख गैलन से अधिक तेल हो सकता है।

रिसाव से क़ेश्म के मैंग्रोव, प्रवाल भित्तियों, मछली पकड़ने के क्षेत्रों और दुर्लभ हॉक्सबिल कछुओं के आवास को खतरा है। ईरान ने सफाई लगभग पूरी होने का दावा किया है, जिसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

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