पराली का धुंआं दिल्ली में भरा, प्रदूषण में एक तिहाई योगदान

बुधवार को पराली जलाने की घटनाओं में तेज़ी आयी और आने वाले दिनों में हवा और ख़राब होगी।

Editorial Team3 नव॰. 2022
बुधवार को पंजाब में कुल 3,634 जगह खेतों में पराली जलाई गई जो इस साल एक दिन में पराली दहन की सबसे अधिक संख्या है. Photo: CIAT/Wikimedia Commons

बुधवार को पंजाब में कुल 3,634 जगह खेतों में पराली जलाई गई जो इस साल एक दिन में पराली दहन की सबसे अधिक संख्या है. Photo: CIAT/Wikimedia Commons


दिल्ली और आसपास के इलाकों में एयर क्वॉलिटी बेहद खराब स्तर पर है। गुरुवार सुबह 6 बजे आनंद विहार इलाके में एयर क्वॉलिटी इंडेक्स 449 दर्ज किया गया। बुधवार को दिल्ली के प्रदूषण (पीएम 2.5) में पराली का योगदान 32 प्रतिशत रहा जो इस साल का उच्चतम स्तर है।

बुधवार को पंजाब में कुल 3,634 जगह खेतों में पराली जलाई गई जो इस साल एक दिन में पराली दहन की सबसे अधिक संख्या है। यह आंकड़े भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान (IARI) के हैं।

महत्वपूर्ण है कि सोमवार और मंगलवार को मिलाकर पराली जलाने की कुल घटनायें 3,973 थी। यानी बुधवार को इसमें तेज़ी आयी और आने वाले दिनों में हवा और ख़राब होगी।

पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के तहत काम करने वाली पूर्वानुमान एजेंसी SAFAR  के मुताबिक वातावरण की दो निचली सतहों में हवा के बहने की अच्छी रफ्तार के कारण तेज़ी से पराली का धुंआं राजधानी दिल्ली पहुंचा है।

हालांकि दिल्ली में चल रही हवा ने इसे फिर भी एक जगह जमने नहीं दिया। जहां दिल्ली के पीएम 2.5 में बुधवार को इसका हिस्सा 32 प्रतिशत था वहीं सोमवार को यह 22 प्रतिशत और मंगलवार को 14 प्रतिशत था।

Share

LinkedInXFacebook

लेखक के बारे में

Editorial Team

Editorial Team

A team of handpicked and dedicated writers committed to fact check each climate-related statement. They go to the roots and intent of each policy implemented, internationally and at home, to help you understand climate better.
लेखक के और लेख देखें