यूएन की ताजा रिपोर्ट: जलवायु लक्ष्य से काफी पीछे दुनिया
संयुक्त राष्ट्र की एक नई रिपोर्ट के अनुसार, विभिन्न देशों की मौजूदा जलवायु प्रतिबद्धताओं को पूरी तरह लागू करने के बावजूद 2035 तक वैश्विक ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन में 2019 के स्तर के मुकाबले महज 6 प्रतिशत की कमी आने का अनुमान है। यह कमी ग्लोबल वार्मिंग को सीमित करने के लिए जरूरी स्तर से काफी कम है।
यूनाइटेड नेशंस फ्रेमवर्क कन्वेंशन ऑन क्लाइमेट चेंज (यूएनएफसीसीसी) की '2026 नेशनली डिटरमाइंड कंट्रीब्यूशंस (एनडीसी) सिंथेसिस रिपोर्ट' के मुताबिक, सशर्त प्रतिबद्धताओं को भी शामिल करने पर उत्सर्जन में नौ प्रतिशत तक की गिरावट संभव है।
रिपोर्ट में 2024 से अगस्त 2026 के बीच जमा किए गए 127 नए एनडीसी का आकलन किया गया है। इनके आधार पर सदी के अंत तक वैश्विक तापमान में 1.7 से 2.3 डिग्री सेल्सियस वृद्धि का अनुमान है। रिपोर्ट ने कहा कि तापमान वृद्धि को 1.5 डिग्री तक सीमित रखने के लिए उत्सर्जन में कहीं अधिक कटौती जरूरी है।
भारत में सुपर अल नीनो का असर अभी सामने नहीं: आईएमएफ
अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) ने कहा है कि सुपर अल नीनो सहित मौसम संबंधी घटनाओं का भारत की अर्थव्यवस्था पर संभावित असर अभी सामने नहीं आया है। हालांकि, इससे कृषि उत्पादन घटने, खाद्य पदार्थों की महंगाई बढ़ने और घरेलू परिवारों की क्रय शक्ति प्रभावित होने का जोखिम है।
आईएमएफ की संचार निदेशक जूली कोजैक ने गुरुवार को वाशिंगटन में संवाददाता सम्मेलन में कहा कि फिलहाल ये जोखिम वास्तविक रूप नहीं ले पाए हैं। उन्होंने कहा कि मौसम संबंधी परिस्थितियों के प्रभाव सामने आने के बाद आईएमएफ जनवरी में जारी होने वाले अपने अगले विश्व आर्थिक परिदृश्य (डब्ल्यूईओ) में भारत की वृद्धि दर के अनुमान की समीक्षा करेगा।
आईएमएफ ने हाल ही में वित्त वर्ष 2026-27 और 2027-28 के लिए भारत की आर्थिक वृद्धि दर का अनुमान बढ़ाकर सात प्रतिशत कर दिया था। कोजैक के मुताबिक, मजबूत घरेलू मांग और सेवा क्षेत्र की बेहतर गतिविधियों से भारत की आर्थिक वृद्धि को गति मिल रही है। उन्होंने भारत को वैश्विक अर्थव्यवस्था के विकास का प्रमुख इंजन बताया।
कॉप31: हिमालय पर जलवायु परिवर्तन के असर का मुद्दा उठाएगा नेपाल
नेपाल आगामी संयुक्त राष्ट्र जलवायु सम्मेलन कॉप31 में हिमालयी इकोसिस्टम पर जलवायु परिवर्तन के प्रभावों और इससे होने वाले नुकसान का मुद्दा प्रमुखता से उठाएगा। नेपाल के विदेश मंत्री शिरीष खनाल ने काठमांडू में राष्ट्रीय जलवायु शिखर सम्मेलन-2026 को संबोधित करते हुए कहा कि देश के एजेंडे में जलवायु जनित नुकसान, क्लाइमेट फाइनेंस और क्लाइमेट जस्टिस सहित चार प्रमुख प्राथमिकताएं होंगी। उन्होंने कहा कि अगस्त में भोटेकोशी क्षेत्र में आई विनाशकारी बाढ़ के बाद छह सप्ताह के भीतर तीन नदी घाटियों में बाढ़ और भूस्खलन ने भारी तबाही मचाई। इन आपदाओं में करीब 1,400 लोगों की मौत हुई, जबकि 5,000 से अधिक लापता हैं। अकेले अगस्त की आपदा के पुनर्वास और पुनर्निर्माण के लिए 4.7 अरब डॉलर की जरूरत का शुरुआती आकलन है।
खनाल ने कहा कि नेपाल जलवायु वित्त को सुलभ और न्यायसंगत बनाने के साथ हिमालय के लिए अलग वर्किंग प्लान की भी पैरवी करेगा। उन्होंने कहा कि देश को 2025-35 के दौरान जलवायु अनुकूलन के लिए 18-20 अरब डॉलर की आवश्यकता होगी।
कूनो में गोली लगने से चीते की मौत, दो गिरफ्तार, शिकार में इस्तेमाल बंदूक बरामद
मध्य प्रदेश के श्योपुर जिले में पिछले महीने एक चीते को गोली मारने के आरोप में दो सगे भाइयों को गिरफ्तार किया गया है। वन विभाग के अधिकारियों ने सोमवार को बताया कि शिकार में इस्तेमाल दो नाली वाली बंदूक भी बरामद कर ली गई है।
19 महीने का नर चीता 'केएनजी-22' 25 अक्टूबर को घायल मिला था और इलाज के दौरान 27 अक्टूबर को उसकी मौत हो गई थी। सर्जरी के दौरान उसके शरीर से गोली के छर्रे मिले थे। जांच में भगवान सिंह और उसके भाई प्रीतम सिंह की कथित संलिप्तता सामने आई। दोनों के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है। अधिकारियों के अनुसार, जांच में अवैध वन्यजीव व्यापार या संगठित गिरोह की भूमिका नहीं मिली है।