जलवायु परिवर्तन के साथ बढ़ रहा एल-निनो प्रभाव
जलवायु परिवर्तन के बढ़ते असर के साथ एल-निनो प्रभाव भी लगातार बढ़ रहा है। एक
जलवायु परिवर्तन के बढ़ते असर के साथ एल-निनो प्रभाव भी लगातार बढ़ रहा है। एक
पिछले 58 साल में पहली बार भारत में मॉनसून एक महीने की देरी से अक्टूबर
एक साल के भीतर जलवायु परिवर्तन पर संयुक्त राष्ट्र के विशेषज्ञ पैनल (IPCC) की एक
भारी बारिश और बाढ़ की मार उत्तर भारत के कई राज्यों पर पड़ी है। राजस्थान,
ब्राज़ील के पर्यावरण मंत्री रिकार्डो सेल्स ने “शुष्क मौसम, हवा और गर्मी” को अमेज़न के
भारत में बाढ़ का भारी असर कम से कम 9 राज्यों में हुआ है। जहां
भारत में पिछले तीन साल में 6585 लोगों की जानें सिर्फ बारिश के कारण हुई आपदाओं में
मुंबई में जुलाई की शुरुआत मूसलाधार बरसात के साथ हुई। पूरा शहर जैसे थम गया।
साइंस जर्नल “साइंस एडवांसेज” में छपी रिसर्च से पता चलता है कि हिमालय में ग्लेशियरों के पिघलने
पानी के लिये पूरे देश में त्राहि-त्राहि मची हुई है। सेंट्रल वॉटर कमीशन के मुताबिक