बाढ़-भूस्खलन से भारत में सैकड़ों मरे, जानकारों ने दी जलवायु परिवर्तन के बढ़ते प्रभाव की चेतावनी
बाढ़, भूस्खलन और बादल फटने की घटनाओं से पिछले पखवाड़े भारत में अलग-अलग जगह कुल
बाढ़, भूस्खलन और बादल फटने की घटनाओं से पिछले पखवाड़े भारत में अलग-अलग जगह कुल
ग्लोबल वॉर्मिंग के बढ़ते असर के कारण इस सदी के अंत तक दुनिया के 800
कोयला बिजलीघर न केवल वायु प्रदूषण करते हैं, पानी का भी जमकर इस्तेमाल करते हैं।
मौसम विभाग का अनुमान था कि मॉनसून 15 जून तक राजधानी दिल्ली पहुंचेगा लेकिन पश्चिमी
अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा ने योजना बनाई है कि वह बेहतर उपग्रह टेक्नोलॉजी के ज़रिये
एक नये शोधपत्र के मुताबिक भारत के पश्चिमी तट पर पिछले कुछ सालों से लगातार
एक नये शोध से पता चलता है कि दुनिया के तटीय क्षेत्रों में मैंग्रोव कटने
धरती का बढ़ता तापमान समुद्र में ऑक्सीज़न कम कर रहा है। पिछली एक सदी में
एक नये शोध में यह पता करने की कोशिश की गई है कि कड़ी धूप
जलवायु संकट की बड़ी मार विस्थापन के रूप में दिख रही है। पिछले 6 महीने