जलवायु संकट: अगले पांच वर्षों में 1.5 डिग्री सेल्सियस की सीमा को पार कर सकता है तापमान
रिपोर्ट में इस बात की भी 93 फीसदी आशंका जताई है कि वर्ष 2022 से
रिपोर्ट में इस बात की भी 93 फीसदी आशंका जताई है कि वर्ष 2022 से
भारत में चल रही ज़बरदस्त हीटवेव और मॉनसून पूर्व बारिश की भारी कमी के कारण
पिछले 122 साल के इतिहास में इस साल मार्च के महीने में सबसे अधिक तापमान
जलवायु परिवर्तन के आंकलन के लिए संयुक्त राष्ट्र के वैज्ञानिकों के विशेषज्ञ निकाय जलवायु परिवर्तन
विश्व अभी भी अपनी ऊर्जा आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए जीवाश्म ईंधन (कोयला, गैस
सर्दियों का मौसम जाते ही प्रचंड गर्मी का ग्राफ तेज़ी से बढ़ा है और मार्च
धरती के बढ़ते तापमान और मानव जनित जलवायु परिवर्तन का असर इंसान के शारीरिक और
हिन्द महासागर के ऊपर तापमान में बहुत अधिक बढ़ोतरी मध्य भारत में कम बरसात का
केंद्र सरकार ने पहली बार एक एटलस जारी किया है जिसमें एक्सट्रीम वेदर (जैसे भयानक
देश में नये साल की शुरुआत में मौसम ने सबको उलझन में डाल दिया। दिल्ली,