नये साल की शुरुआत शीतलहर के साथ, बेमौसमी बारिश से नुकसान

Admin 15 जन॰. 2022
मनमौजी शुरुआत:  साल के शुरु में बिगड़ैल मौसम ने किसानों के साथ मौसमविज्ञानियों के लिये मुसीबत खड़ी कर दी।  फोटो: gaon connection

मनमौजी शुरुआत: साल के शुरु में बिगड़ैल मौसम ने किसानों के साथ मौसमविज्ञानियों के लिये मुसीबत खड़ी कर दी। फोटो: gaon connection


देश में नये साल की शुरुआत में मौसम ने सबको उलझन में डाल दिया। दिल्ली, यूपी और राजस्थान समेत उत्तर भारत के कई हिस्सों में शीतलहर का प्रकोप रहा। उत्तर पूर्व के साथ पश्चिमी और दक्षिण भारत में बेमौसमी बारिश हुई। मंगलवार को पश्चिमी मध्य प्रदेश, विदर्भ, हरियाणा और चंडीगढ़ के साथ पूर्वी मध्य प्रदेश, राजस्थान और दिल्ली में न्यूनतम तापमान सामान्य से नीचे रहा। तेलंगाना, कर्नाटक, तमिलनाडु, केरल और आंध्र प्रदेश में बारिश होने की संभावना है। बिहार, झारखंड, असम मेघालय और छत्तीसगढ़ में भी बारिश हो सकती है।  

मुंबई और महाराष्ट्र के अन्य हिस्सों में भी बेमौसमी बारिश हुई और मुंबई में एक दशक का सबसे कम न्यूनतम तापमान रिकॉर्ड (13.2 डिग्री) किया गया। मौसम विभाग की एक स्टडी में यह पाया गया है कि भारत में लू के मुकाबले शीतलहर से 76 गुना अधिक लोग मर रहे हैं। 2020 में कुल 152 लोगों की मौत हुईं। साल 2020 में शीतलहर से 152 लोग मरे जबकि लू से 2 लोगों के मरने की पुष्टि हुई। 

रूस से लगे आर्कटिक की ऊंचाइयों में बर्फ कम होने की रफ्तार दुगनी हुई 

एक नये अध्ययन से पता चला है कि रूस के ऊंचे आर्कटिक क्षेत्र में बर्फ दुगनी रफ्तार पिघल रही है। शोधकर्ताओं ने साल 2010 से 2017 तक के आंकड़ों के आधार पर यह बताया है 93% ग्लेशियरों की सतह में बढ़ोतरी की रफ्तार बदली है। यह गणना की गई है कि हर साल 2200 करोड़ टन बर्फ पिघल रही है जो यहां पर समुद्र सतह में  0.06 मिलीमीटर की बढ़ोतरी करेगा। 

आइडा चक्रवात 2021 की सबसे अधिक वित्तीय क्षति करने वाली क्लाइमेट इवेंट 
अंतरराष्ट्रीय एनजीओ क्रिश्चन एड के एक अध्ययन में पता चला है कि अमेरिका में आये चक्रवात आइडा के कारण 6500 करोड़ रुपये से अधिक का वित्तीय नुकसान हुआ। क्रिश्चन एड ने इस स्टडी में साल की 10 सबसे अधिक वित्तीय क्षति पहुंचाने वाली क्लाइमेट इवेंट्स की सूची बनाई है। माली नुकसान के हिसाब से आइडा के बाद यूरोप की बाढ़ दूसरे नंबर पर रही जिससे 4300 करोड़ रुपये के बराबर नुकसान हुआ।   भारत पर असर डालने वाली दो घटनायें जो इस लिस्ट में हैं वह हैं ताउते और यास तूफान। ताउते से कुल 150 करोड़ रुपये के बराबर क्षति हुई तो यास तूफान ने 300 करोड़ की क्षति हुई।

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