सुप्रीम कोर्ट ने बीते गुरुवार शिमला डेवलपमेंट प्लान (एसडीपी) 2041 को अनुमति दे दी जिसके तहत हिमाचल प्रदेश की राजधानी में भवन निर्माण को रेग्युलेट किया जायेगा। राज्य सरकार ने वहां फिलहाल निर्माण पर रोक लगाने वाले एनजीटी के स्टे के खिलाफ याचिका लगाई थी जिसे हटाकर कोर्ट ने यह अनुमति दी है।
एनजीटी ने यह देखते हुए कई निर्देश दिए थे कि शिमला में कोर, नॉन कोर के साथ हरित और ग्रामीण क्षेत्र में अंधाधुंध निर्माण के कारण गंभीर पर्यावरणीय और पारिस्थितिक चिंताएं पैदा कर दी थी। अब सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में कहा है कि एसडीपी में विकास के लिए (निर्माण कार्य) की ज़रूरतों और पर्यावरण एवं पारिस्थितिकी के संरक्षण के लिए प्रथम दृष्टया पर्याप्त सेफगार्ड हैं।
समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक अपने 100 पेज के आदेश में उच्चतम न्यायालय ने 20 जून 2023 को प्रकाशित किए गए डेवलपमेंट प्लान पर काम करने की अनुमति दे दी। द प्लान – “विज़न 2041” के लागू होने पर कुछ प्रतिबंधों के साथ 17 ग्रीन बेल्ट निर्मित की जाएंगी और उस कोर ज़ोन में भी निर्माण कार्य होगा जहां एनजीटी ने प्रतिबंध लगाया था।
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