देश के विभिन्न हिस्सों में मानसून के पहले बारिश और तेज हवाओं के कारण जनजीवन गंभीर रूप से प्रभावित हो गया।
कर्नाटक, महाराष्ट्र, असम, गोवा और पश्चिम बंगाल समेत कई राज्यों में भारी बारिश, जलभराव, और बिजली गिरने की घटनाएं सामने आई हैं।
बेंगलुरु में बीते तीन दिनों में 140 मिमी से अधिक बारिश दर्ज की गई है, जिससे सड़कों पर जलभराव और ट्रैफिक जाम की स्थिति बन गई।
सिल्क बोर्ड जंक्शन, होसुर रोड और बीटीएम लेआउट जैसे क्षेत्रों में स्थिति सबसे खराब रही। बारिश से संबंधित घटनाओं में बेंगलुरु में तीन लोगों की मौत हो गई। इनमें दो लोग करंट लगने से मारे गए, जबकि एक महिला की दीवार गिरने से मौत हो गई।
वहीं मुंबई में मंगलवार को भारी बारिश और बिजली गिरने की घटनाओं के कारण शहर की रफ्तार थम गई। अंधेरी सबवे जलमग्न हो गया, जिससे यातायात बाधित हुआ। पूर्वी और पश्चिमी उपनगरों में क्रमशः 26 मिमी और 40 मिमी बारिश दर्ज की गई।
मुंबई हवाई अड्डे से उड़ानें औसतन 22 मिनट की देरी से रवाना हुईं।
रत्नागिरी जिले में वेरवली और विलावडे स्टेशनों के बीच हुए भूस्खलन के कारण कोंकण रेलवे की सेवाएं बाधित हुईं।
पुणे और गोवा में भी जलभराव और उड़ानों में देरी की सूचना मिली है। आईएमडी ने महाराष्ट्र के कुछ जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।
वहीं कर्नाटक के सात जिलों — उत्तर कन्नड़, उडुपी, दक्षिण कन्नड़, कोडागु, शिवमोग्गा, चिकमगलूर और हासन — के लिए आईएमडी ने रेड अलर्ट जारी किया है। राज्य में अब तक पांच लोगों की जान जा चुकी है।
इसके अलावा असम के गुवाहाटी में रातभर हुई बारिश से कई इलाके जलमग्न हो गए और स्कूल बंद कर दिए गए। वहीं गोवा में इंडिगो एयरलाइंस ने उड़ानों में देरी की चेतावनी जारी की है।
पश्चिम बंगाल में उत्तर जिलों — दार्जिलिंग, कालिमपोंग, कूचबिहार और जलपाईगुड़ी — में शुक्रवार तक भारी बारिश का अनुमान है। दक्षिणी जिलों में आंधी और बिजली गिरने की चेतावनी दी गई है।
आईएमडी के अनुसार कर्नाटक तट से सटे अरब सागर के मध्य-पूर्वी भाग में चक्रवाती सर्कुलेशन बनने की संभावना है, जिससे आने वाले दिनों में बारिश और तेज हो सकती है।
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