जयशंकर-रूबियो बैठक में रूस पर अमेरिकी प्रतिबंधों को लेकर भारत की चिंता
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने 23 सितंबर को न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा के उच्चस्तरीय सप्ताह के दौरान अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो से मुलाकात की। बैठक में जयशंकर ने रूस और ईरान से जुड़े अमेरिकी प्रतिबंध कानून (SRIA) को लेकर भारत के हितों और चिंताओं को दोहराया।
अमेरिका के नए कानून के तहत राष्ट्रपति को रूस से तेल और गैस खरीदने वाले देशों पर 100 प्रतिशत तक टैरिफ लगाने का अधिकार मिलता है। भारत और चीन रूस से कच्चे तेल के प्रमुख खरीदार हैं, इसलिए इस कानून के संभावित प्रभाव को लेकर नई दिल्ली चिंतित है। हालांकि, कानून के तहत भारत पर 100 प्रतिशत टैरिफ स्वतः लागू नहीं होता; इसके लिए अमेरिकी प्रशासन को अलग से निर्णय लेना होगा।
जयशंकर और रूबियो ने खाड़ी क्षेत्र तथा यूक्रेन की स्थिति पर भी चर्चा की। रूबियो ने बैठक के बाद भारत-अमेरिका रणनीतिक साझेदारी और क्षेत्रीय प्राथमिकताओं पर समन्वय जारी रखने की बात कही।
जर्मनी ने 2045 तक कोयला, तेल और गैस खत्म करने का रोडमैप जारी किया
जर्मनी ने 2045 तक कोयला, तेल और प्राकृतिक गैस के इस्तेमाल से चरणबद्ध तरीके से बाहर निकलने का रोडमैप जारी किया है। जर्मनी के पर्यावरण मंत्री कार्स्टेन श्नाइडर ने संयुक्त राष्ट्र महासभा में इस योजना के बारे में बताया। इसके साथ जर्मनी, फ्रांस और नीदरलैंड्स के बाद जीवाश्म ईंधन से संक्रमण के लिए राष्ट्रीय रोडमैप जारी करने वाला तीसरा देश बन गया है।
रोडमैप के अनुसार, जर्मनी में बिजली उत्पादन में नवीकरणीय ऊर्जा की हिस्सेदारी 2030 तक कम से कम 80% करने का लक्ष्य है। अभी यह हिस्सेदारी करीब 55% है। देश में कोयले से बिजली उत्पादन को 2038 तक समाप्त करने की योजना है, हालांकि इसे 2035 तक आगे बढ़ाने की संभावना पर भी विचार किया जा रहा है।
जर्मनी की कुल ऊर्जा खपत में 2024 में जीवाश्म ईंधनों की हिस्सेदारी करीब 65% थी। सरकार परिवहन और हीटिंग के विद्युतीकरण, इलेक्ट्रिक वाहनों, हीट पंप और नवीकरणीय ऊर्जा के विस्तार पर जोर दे रही है। हालांकि, सरकार के भीतर गैस आधारित बिजली संयंत्रों और पारंपरिक इंजन वाले वाहनों की भूमिका को लेकर मतभेद भी हैं।