ब्रिटेन बनाएगा ‘कार्बन शून्य’ राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्रणाली। लेकिन क्या भारत के लिए यह सम्भव है?
किसी भी देश की स्वास्थ्य प्रणाली और उस प्रणाली की प्राथमिकतायें उस देश की जन
किसी भी देश की स्वास्थ्य प्रणाली और उस प्रणाली की प्राथमिकतायें उस देश की जन
हर साल, सैकड़ों हज़ार करोड़ रुपये सरकारें सब्सिडी के नाम पर खर्च कर देती हैं।
इंटरनेशनल फाइनेंशियल कॉर्पोरेशन (आईएफसी) ने नये नियमों की घोषणा की है। इनके तहत दुनिया भर
रेल मंत्री पीयूष गोयल ने संसद को बताया कि रेलवे खाली जगह में ट्रैक के
अक्षय ऊर्जा के ज़रिये भारत में 50 लाख लोगों को रोज़गार मिल सकता है लेकिन
नये बिजली संयंत्र निर्माण पर खर्च रोक कर और हजारों करोड़ रुपए लगाकर पुराने और
पर्यावरण का ज़िक्र होते ही जो पहली चीज़ दिमाग़ में आती है वो है एक
ख़बर है कि कोल इंडिया उन अंडरग्राउंड खदानों में फिर से काम शुरू कर रहा
दिल्ली स्थित क्लाइमेट ट्रेंडस और फिनलेंड की एलयूटी यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी के शोध में यह
ताज़ा रिपोर्ट के मुताबिक़ 7 साल में 75 फ़ीसद से ज़्यादा गिरेगी प्लास्टिक की माँग