भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) का उपयोग तेजी से बढ़ रहा है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, पिछले पाँच वर्षों में ईवी पंजीकरण में 91 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। यह संख्या वित्त वर्ष 2020 में 1.74 लाख से बढ़कर वित्त वर्ष 2025 में 19.68 लाख तक पहुँच गई। सरकार की प्रोत्साहन योजनाओं को इस वृद्धि का बड़ा कारण माना जा रहा है। प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव (पीएलआई) योजना के तहत 44,000 करोड़ रुपये से अधिक की सहायता देकर देश में वाहनों और बैटरी निर्माण को बढ़ावा दिया गया है।
इसके अलावा पीएम ई-ड्राइव योजना से इलेक्ट्रिक दोपहिया और तिपहिया वाहन सस्ते हुए हैं, जिनकी बाजार में सबसे अधिक हिस्सेदारी है। सरकार अब बैटरी क्षमता बढ़ाने और दुर्लभ खनिजों के आयात पर निर्भरता घटाने की दिशा में भी काम कर रही है।
होंडा ने तीन वैश्विक इलेक्ट्रिक कार परियोजनाएं रद्द कीं
होंडा ने वैश्विक बाजार के लिए प्रस्तावित तीन इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) मॉडलों को रद्द करने की घोषणा की है। कंपनी ने यह फैसला उत्तर अमेरिका में ईवी की मांग कम होने और चीनी कंपनियों की बढ़ती प्रतिस्पर्धा के कारण लिया है। हालांकि भारत में कंपनी की इलेक्ट्रिक वाहन योजना जारी रहेगी। कंपनी का ‘कांसेप्ट 0 अल्फा’ प्रोजेक्ट भारत की रणनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा है। यह एक पूरी तरह इलेक्ट्रिक एसयूवी होगी, जिसे भारतीय बाजार को ध्यान में रखकर बनाया जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि होंडा अब कम मुनाफे वाले बड़े बाजारों के बजाय भारत जैसे तेजी से बढ़ते बाजारों और सॉफ्टवेयर-आधारित आधुनिक वाहनों पर अधिक ध्यान दे रही है।
पीएम ई-ड्राइव योजना में इलेक्ट्रिक बस और ट्रक की प्रगति धीमी: संसदीय समिति
संसद की उद्योग संबंधी स्थायी समिति की नई रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत की प्रमुख इलेक्ट्रिक वाहन प्रोत्साहन योजना पीएम ई-ड्राइव में भारी वाहनों के मामले में प्रगति बहुत धीमी है। रिपोर्ट के अनुसार इलेक्ट्रिक बस, ट्रक और एंबुलेंस जैसी श्रेणियों में अभी तक कोई उल्लेखनीय उपलब्धि नहीं हुई है।
ये वाहन शहरों में वायु प्रदूषण कम करने के लिए महत्वपूर्ण माने जाते हैं। जनवरी 2026 तक योजना अपने कुल लक्ष्य का लगभग 58.6 प्रतिशत ही हासिल कर पाई है। फिलहाल प्रगति मुख्य रूप से इलेक्ट्रिक दोपहिया और तिपहिया वाहनों में हुई है। समिति ने सरकार से मध्यम वर्ग के लिए इलेक्ट्रिक कारों को भी योजना में शामिल करने और बजट में कटौती पर पुनर्विचार करने की सिफारिश की है।
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