गुजरात सरकार ने राज्य में विद्युत वाहनों (ईवी) का बाज़ार बढ़ाने के लिये अपनी ईवी पॉलिसी जारी की है। राज्य सरकार का लक्ष्य है कि साल 2025 तक 2 लाख बैटरी वाहन सड़क पर हों। इनमें 70 हज़ार इलैक्ट्रिक तिपहिया और 20 हज़ार इलैक्ट्रिक कार शामिल हैं। इस नीति में यह बात भी शामिल है कि हर हाउसिंग सोसायटी को चार्जिंग स्टेशन लगाने के लिये नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट देना पड़ेगा। राज्य सरकार अगले चार साल तक वाहनों की कीमत पर 10 हज़ार रुपये प्रति किलोवॉट के हिसाब से छूट भी देगी और इसका कुल खर्च 870 करोड़ रुपये आयेगा। सरकार का अनुमान है कि इस नीति के कारगर तरीके से लागू होने से 2025 तक कार्बन इमीशन में करीब 6 लाख टन कटौती होगी।
विद्युत वाहन: कनाडा ने समय सीमा में 5 साल की कटौती की
कनाडा सरकार ने पूरी तरह इलैक्ट्रिक वाहनों की बिक्री के लिये समय सीमा में 5 साल कटौती कर दी है। पहले कनाडा ने लक्ष्य रखा था कि साल 2040 से देश में पूरी तरह इलैक्ट्रिक वाहन ही बिकेंगे और आईसी इंजन (पेट्रोल, डीजल और गैस आधारित) वाहनों की बिक्री नहीं होगी लेकिन अब यह समय सीमा घटाकर 2035 कर दी गई है। इसका मतलब यह कि इस समय सीमा के बाद ऑटो निर्माता केवल पूरी तरह बैटरी से चलने वाले वाहन ही बना और बेच सकेंगे। महत्वपूर्ण है कि कनाडा में अभी कुल वाहनों की बिक्री में बैटरी वाहनों का हिस्सा केवल 4% ही है। हर नये बैटरी वाहन की बिक्री पर सरकार कुछ छूट देगी जिसके लिये 60 करोड़ डॉलर का बजट रखा है।
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