साफ ऊर्जा की ओर: भारत की सरकारी कोयला पावर और खनन कंपनी एनएलसी (आईएल) ने अपनी ग्रीन एनर्जी क्षमता में उल्लेखनीय बढ़ोतरी की है। Photo: Canva

एनएलसी ने साफ ऊर्जा उत्पादन क्षमता 39% बढ़ाई

कोयला खनन और बिजली उत्पादन से जुड़ी सरकारी कंपनी एनएलसी-आईएल ने साल 2020-21 में अपनी ग्रीन एनर्जी क्षमता में 39% इजाफा किया हालांकि उसकी खनन क्षमता इस दौरान 66% बढ़ी। कंपनी ने इस साल बैटरी स्टोरेज के साथ  सौर ऊर्जा उत्पादन क्षमता 17.5 मेगावॉट बढ़ाई जबकि लिग्नाइट आधारित पावर प्रोडक्शन में 500 मेगावॉट की बढ़ोतरी की। अब एनसीएल और उसकी सहयोगी कंपनियों की कुछ क्षमता 6000 मेगावॉट से अधिक है। 

इस कंपनी ने कोल इंडिया के साथ पूरे भारत में सौर और ताप ऊर्जा के लिये – कोल लिग्नाइट ऊर्जा विकास लिमिटेड  संयुक्त उपक्रम किया है। यह उपक्रम सौर ऊर्जा पैनल लगाने संबंधी कार्यों के लिये निविदायें आमंत्रित कर रहा है। मरकॉम के इंडिया सोलर टेंडर ट्रेकर के मुताबिक, एनसीएल इंडिया ने अब तक 2.9 गीगावॉट के सोलर पावर प्रोजेक्ट के टेंडर निकाले हैं। 

कोविड -19 : दूसरी लहर के कारण सौर उद्योग ने मांगी चार महीने की मोहलत 


भारत में कोरोना की दूसरी लहर के कारण श्रम और आपूर्ति श्रृंखला में व्यवधान ने सौर ऊर्जा क्षेत्र में चल रही सभी परियोजनाओं पर चार महीने की रोक लगा दी है। नेशनल सोलर एनर्जी फेडरेशन के अनुसार इस देरी का कारण  सरकारी अधिकारियों की अनुपस्थिति, लॉकडाउन, कर्मचारियों की कमी और लटके कार्य हैं. 


परियोजनाओं को रद्द करने और डेवलपर द्वारा भुगतान न किए जाने पर भारी पेनल्टी हो सकती है। राजस्थान, महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश में पूर्ण या आंशिक लॉकडाउन देखा गया  है, जिसके कारण काम में रुकावट आई।

अमेज़न ने ख़रीदे नौ यूटिलिटी स्केल अक्षय ऊर्जा परियोजनाएं 

ब्लूमबर्ग के मुताबिक, ई कॉमर्स कंपनी अमेज़न ने अमेरिका, ब्रिटेन, कनाडा, स्पेन और स्वीडन में नौ नए यूटिलिटी स्केल विंड और सोलर प्रोजेक्ट्स की योजनाओं की घोषणा की है.  अमेज़न अब अक्षय ऊर्जा कि दुनिया का सबसे बड़ा कॉर्पोरेट खरीदार बन गया है। कंपनी ने घोषणा की कि यह 2025 तक वैश्विक व्यापार के लिए 100 प्रतिशत रिन्यूएबिल ऊर्जा का इस्तेमाल करेंगे.
इसके अलावा अमेज़न के पास वैश्विक स्तर पर 206 नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाएं होगी, जिसमें 8.5 गीगावाट (GW) की बिजली उत्पादन क्षमता के साथ आउटलेट जोड़ा गया है।

फेसबुक ने भारत में की साफ ऊर्जा डील, नेट ज़ीरो हासिल करने का दावा 

सोशल नेटवर्किंग साइट फेसबुक ने एक भारतीय कंपनी के साथ पवन ऊर्जा (विन्ड पावर) खरीदने का अनुबन्ध किया है। फेसबुक के मुताबिक किसी दक्षिण एशियाई देश के साथ इस प्रकार की यह पहली डील है। फेसबुक का दावा है कि साल 2020 में दुनिया भर में उसका काम साफ ऊर्जा के इस्तेमाल पर ही चला और कंपनी ने नेट ज़ीरो हासिल कर लिया है। 

फेसबुक ने 32 मेगावॉट पवन ऊर्जा की डील मुंबई स्थित क्लीनमैक्स के साथ की है। दोनों कंपनियों का कहना है कि यह अनुबन्ध विन्ड और सोलर के एक बड़े ऊर्जा सप्लाई प्रोजेक्ट का हिस्सा है। अंतर्राष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी ने पिछले साल कहा था कि सोशल नेटवर्किंग कंपनियों को चला रहे डाटा सेंटर दुनिया की कुल बिजली का 1% इस्तेमाल करते हैं और  फेसबुक के लिये भारत दुनिया में सबसे बड़ा बाज़ार है। 

हाइड्रोजन पर भारत करेगा 20 करोड़ डॉलर खर्च 

साफ ऊर्जा को प्रोत्साहन के लिये हाइड्रोजन का इस्तेमाल एक विकल्प माना जाता है। अब साफ ऊर्जा मंत्रालय के  वरिष्ठ अधिकारी ने उद्योगपतियों के साथ वेब मीटिंग में कहा है कि सरकार हाइड्रोजन को बढ़ावा देने के लिये अगले 5 से 7 साल में 20 करोड़ अमेरिकी डॉलर का निवेश करेगी। 

भारत ने अपनी तेल और गैस कंपनियों से कहा है कि वह इस वित्तीय वर्ष के अंत तक सात हाइड्रोजन पायलट प्लांट लगाये। पूरी दुनिया में सरकारें और बड़ी कंपनियां ग्रीन हाउस गैस इमीशन कम करने के लिये हाइड्रोजन टेक्नोलॉजी पर काम कर रही हैं  हालांकि अभी इसके प्रयोग और लागत पर तस्वीर साफ नहीं हुई है। केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने भी एक ऑनलाइन कॉन्फ्रेंस में कहा कि सरकार ट्रांसपोर्ट ईंधन के रूप में हाइड्रोजन मिश्रित नेचुरल गैस का प्रयोग – जिस एच-सीएनजी टेक्नोलॉजी कहा जाता है – बढ़ाने के प्रयास कर रही है। 

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