साफ ऊर्जा का ग्राफ ऊंचा: साल 2020 में जो साफ ऊर्जा के संयंत्र लगे उनमें 90% से अधिक पवन और सौर ऊर्जा के हैं। फोटो : Bizvibe.com

एक साल में दुनिया की कुल रिन्यूएबिल क्षमता 50% बढ़ी

इंटरनेशनल रिन्यूएबल एनर्जी एजेंसी के एक अध्ययन के मुताबिक पूरी दुनिया में साल 2020 में कुल 260 गीगावॉट के संयंत्र लगे। यह 2019 की कुल साफ ऊर्जा क्षमता के 50% के बराबर है। नये साफ ऊर्जा संयंत्रों में 91% सौर और पवन ऊर्जा के हैं। साल 2020 में लगाये गये सभी बिजलीघरों में 80% साफ ऊर्जा रही। 

सौर और पवन ऊर्जा की दरें सस्ती हो रही हैं और यूरोप, उत्तर अमेरिका, आर्मेनिया, अज़रबेजान, जार्जिया, रूस और टर्की में निवेशक कोयला, तेल और गैस से चलने वाले बिजलीघरों से हाथ खींच रहे हैं।  

भारत का पहला ग्रिड-कनेक्टेड सामुदायिक पावर स्टोरेज सिस्टम 

भारत का पहला ग्रिड से जुड़ा पावर स्टोरेज सिस्टम दिल्ली के महारानी बाग में लगाया गया है। वितरण कंपनी टाटा पावर दिल्ली डिस्ट्रिब्यूशन ने 150 kWh/ 528 kWh पावर स्टोरेज सिस्टम लगाया है जो पीक लोड को संतुलित रखने के साथ वोल्टेज और फ्रीक्वैंसी रेग्युलेशन में मदद करेगा। यह पावर स्टोरेज चार घंटों तक 150 किलोवॉट का बैकअप दे सकता है। यह सिस्टम कम खपत के वक्त चार्जिंग करेगा और पीक डिमांड के समय बिजली देगा। 

चीनी सौर उपकरण की जमाखोरी के खिलाफ जांच 

 भारत ने चीन से आयात होने वाली ‘फ्लूरो बैकशीट’ की जमाखोरी के खिलाफ जांच शुरू कर दी है। फ्लूरो बैकशीट एक पॉलीमर है जिसका इस्तेमाल फोटोवोल्टिक मॉड्यूल बनाने में होता है और यह धूल, गंदगी और नमी से बचाता है। भारतीय निर्माता कंपनी रिन्यूसिस का कहना है कि चीनी फ्लूरो बैकशीट दिखने में बिल्कुल वैसी ही है जैसी भारत में बनती है। रिन्यूसिसने वाणिज्य मंत्रालय के तहत काम करने वाली डायरेक्ट्रेट जनरल ऑफ ट्रेड रिमिडीज़ (डीजीटीआर) से मांग की थी कि चीन से फ्लूरो बैकशीट के आयात पर एंटी-डंपिंग ड्यूटी लगाई जाये। इसके बाद  डीजीटीआर ने इस मामले में जांच शुरू की है। भारतीय उत्पादकों का कहना है कि चीनी कंपनियां दाम गिराती जाती हैं जिसका असर बाज़ार पर पड़ता है।

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