कोयला जला रही फैक्ट्रियां मुंबई की हवा में बढ़ा रही हैं प्रदूषण
मुंबई में फैक्ट्रियां हर साल 20 लाख टन कोयला जलाती हैं और वायु प्रदूषण के
मुंबई में फैक्ट्रियां हर साल 20 लाख टन कोयला जलाती हैं और वायु प्रदूषण के
आईआईटी गांधीनगर का एक नया शोध बताता है कि सदी के अंत तक भारत में
नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने राष्ट्रीय ताप बिजली कॉर्पोरेशन यानी एनटीपीसी को पर्यावरण नियमों के
अंग्रेज़ी अख़बार गार्डियन में छपी ख़बर से खुलासा हुआ है कि लैटिन अमेरिकी देश मैक्सिको क्लाइमेट
पिछले साल यानी 2020 में भारत में कुल 1.2 लाख लोग वायु प्रदूषण से मरे।
दुनिया के तीसरे सबसे बड़े कार्बन उत्सर्जक देश, भारत, में कोयला आधारित बिजली उत्पादन में
एक बेहतर अर्ली वॉर्निंग सिस्टम के लिये ज़रूरी है कि हमारे पास ख़तरे को आंकने
एक खोजी न्यूज़ रिपोर्ट से पता चला है कि यूनाइटेड किंगडम की एक एक्सपोर्ट क्रेडिट
दिल्ली के खतरनाक प्रदूषण स्तर से लड़ने और नागरिकों को बैटरी वाहनों के फायदे समझाने
भारत ने साल 2020 में अपनी सौर और पवन ऊर्जा क्षमता में केवल 4,908 मेगावॉट