फोटो: Agência Brasil/Flickr

कॉप30 में मिलीजुली सफलता: अनुकूलन के लिए तिगुना फंड लेकिन डर्टी फ्यूल हटाने पर सहमति नहीं

बेलेम सम्मेलन मिश्रित परिणामों के साथ समाप्त हुआ, जिसे ‘ग्लोबल मुटिराव’ निर्णय नामक एक समझौता सौदा कहा गया है।

दो हफ़्ते तक चले बेलेम सम्मेलन की सबसे बड़ी सफलता विकासशील देशों के लिए अनुकूलन वित्त (Adaptation Finance) को तिगुना करने पर सहमति थी, लेकिन यह जीवाश्म ईंधन (Fossil Fuels) को चरणबद्ध तरीके से समाप्त करने के लिए औपचारिक रोडमैप पर आम सहमति बनाने में विफल रहा

कॉप30 के मुख्य बिंदु 

बड़ी सफलताएं 

अनुकूलन वित्त में वृद्धि (Tripling of Adaptation Finance): सदस्य देशों ने अनुकूलन वित्त (जलवायु परिवर्तन के प्रभावों से निपटने के लिए विकासशील देशों को दिए जाने वाले फंड) को तिगुना करने पर सहमति व्यक्त की। इस समझौते के तहत, यह वार्षिक फंड वर्तमान $40 बिलियन से बढ़कर 2035 तक $120 बिलियन प्रति वर्ष हो जाएगा।

जलवायु वित्त कार्य कार्यक्रम (Climate Finance Work Programme): वर्ष 2024 में सहमत हुए $300 बिलियन वार्षिक जलवायु वित्त लक्ष्य सहित, इसके वितरण के लिए एक दो वर्षीय कार्य कार्यक्रम पर भी सहमति बनी।

न्यायसंगत संक्रमण तंत्र (Just Transition Mechanism): एक न्यायसंगत संक्रमण तंत्र (just transition mechanism) विकसित करने पर सहमति हुई। इसका उद्देश्य एक समान और न्यायसंगत बदलाव के लिए अंतर्राष्ट्रीय सहयोग, तकनीकी सहायता और ज्ञान साझाकरण को बढ़ाना है।

प्रमुख विफलता और अनौपचारिक कदम

जीवाश्म ईंधन पर औपचारिक रोडमैप की विफलता: सम्मेलन जीवाश्म ईंधन (तेल, गैस और कोयला) के उपयोग को चरणबद्ध तरीके से समाप्त करने (phase out) के लिए एक औपचारिक रोडमैप पर सर्वसम्मति से सहमति नहीं बना सका।

अनौपचारिक रोडमैप: औपचारिक निर्णय न हो पाने के बावजूद, COP30 की ब्राज़ीलियाई अध्यक्षता ने दो अनौपचारिक रोडमैप की घोषणा की, जिसका लगभग 90 देशों ने समर्थन किया:

जीवाश्म ईंधन से न्यायसंगत, व्यवस्थित और न्यायसंगत तरीके से दूर हटने का रोडमैप।

वनों की कटाई को रोकने और उलटने का रोडमैप।

मुटिराव समझौते पर आपत्ति: ‘ग्लोबल मुटिराव’ निर्णय के रूप में पहुँचे समझौतों पर कुछ देशों (जैसे कोलंबिया, उरुग्वे और चिली) ने प्रक्रियात्मक चूक (procedural lapse) को उजागर करते हुए आपत्ति जताई, जिसके कारण समापन सत्र को संक्षिप्त रूप से स्थगित करना पड़ा।

अन्य महत्वपूर्ण पहल में ग्लोबल इम्प्लीमेंटेशन एक्सिलरेटर प्रमुख है: 

तापमान वृद्धि को 1.5°C के भीतर रखने के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए मौजूदा राष्ट्रीय जलवायु योजनाओं और आवश्यक कार्रवाई के बीच के अंतर को पाटने हेतु एक दो वर्षीय प्रक्रिया शुरू करने पर सहमति बनी।

ब्राजील का नया मंच (Brazil’s New Forum): ब्राजील ने व्यापार और जलवायु अधिकारियों के बीच समन्वय और संवाद के लिए अपनी तरह का पहला जलवायु परिवर्तन और व्यापार पर एकीकृत मंच (Integrated Forum on Climate Change and Trade) लॉन्च किया।

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