CERC ने दी बिजलीघरों को राहत

Editorial Team20 मई. 2019
राहत की सांस: करीब 15,000 मेगावॉट के कोयला बिजलीघरों को केंद्रीय विद्युत नियामक आयोग (CERC) के ताज़ा फैसले से राहत मिली है। फोटो – SeaNews

राहत की सांस: करीब 15,000 मेगावॉट के कोयला बिजलीघरों को केंद्रीय विद्युत नियामक आयोग (CERC) के ताज़ा फैसले से राहत मिली है। फोटो – SeaNews


केंद्रीय विद्युत विनियामक आयोग (CERC) ने एक महत्वपूर्ण फैसले में कोयला सप्लाई की कमी से जूझ रहे बिजलीघरों को देश के बाहर से कोयला आयात करने और उसकी ऊंची कीमत की वसूलने के लिये बिजली दरों को बढ़ाने की छूट दे दी है। इस फैसले के लिये कानून में बदलाव की ज़रूरत पड़ेगी और इससे करीब 15000 मेगावॉट के बिजलीघरों को राहत मिलेगी।

ONGC तेल भंडारों पर करेगा 65 हज़ार करोड़ निवेश, MUFG ने त्यागा कोल निवेश

साफ ऊर्जा में भारत के बढ़ते निवेश के बावजूद तेल और गैस क्षेत्र में देश की सबसे बड़ी सरकारी कंपनी ONGC जीवाश्म ईंधन पर कुल 65,773 करोड़ रुपये निवेश करेगी। कंपनी यह निवेश अपने 13 अलग अलग फील्ड प्रोजेक्ट पर कर रही है जिनमें कच्चे तेल की खोज और उसे साफ करने का काम हो रहा है। अगले 3-4 सालों में ONGC करीब 40.9 मिलियन मीट्रिक टन (mmt) तेल और 114 बिलियन क्यूबिक मीटर (bcm) प्राकृतिक गैस का उत्पादन करेगा।

दूसरी ओर जापान में कोल पावर के सबसे बड़े फाइनेंसर मित्सुबिशी यूएफजी (MUFG) ने भविष्य में किसी कोयला संयंत्र के लिये कर्ज़ न देने का फैसला किया है। दुनिया भर में पर्यावरण पर काम कर रहे कई संगठनों ने MUFG इस फैसले का स्वागत किया है।

ऑस्ट्रेलिया में अडानी के खनन प्रोडक्ट को जून में मिलेगी मंज़ूरी

ऑस्ट्रेलिया में चुनी गई नई सरकार जून के मध्य तक अडानी के विवादित कोयला खनन प्रोजक्ट को हरी झंडी दे सकती है। अडानी ग्रुप पिछले 10 साल से इस खनन प्रोजेक्ट को पाना चाहता है लेकिन पर्यावरण और जलवायु परिवर्तन से जुड़ी आपत्तियों की वजह से उसका यह प्रोजेक्ट अटका हुआ है।

अडानी ग्रुप ने दावा किया है अगले साल मार्च तक वह इस प्रोजेक्ट से 1 करोड़ टन कोयला उत्पादन करना चाहता है। हालांकि अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में कोयले की गिरती कीमतों की वजह से इस प्रोजक्ट की कामयाबी पर गंभीर शंकायें हैं पर अडानी ग्रुप ने इन तर्कों को मानने से इनकार कर दिया है।

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