भारत नवंबर में ब्राज़ील में होने वाले कॉप30 शिखर सम्मेलन के दौरान या उससे ठीक पहले अपना संशोधित क्लाइमेट एक्शन प्लान पेश कर सकता है। इंडियन एक्सप्रेस ने सरकारी सूत्रों के हवाले से बताया कि नई योजना में मौजूदा तीन लक्ष्यों में विस्तार किया जाएगा। यह तीन लक्ष्य हैं जीडीपी की एमिशन इंटेंसिटी में कमी, नवीकरणीय ऊर्जा की हिस्सेदारी में वृद्धि और कार्बन सिंक का विस्तार। इन लक्ष्यों को 2035 तक बढ़ाने के अलावा कोई उल्लेखनीय संशोधन होने की संभावना कम हैं।
द हिंदू की रिपोर्ट के अनुसार, भारत अपनी तीसरी राष्ट्रीय-स्तर पर निर्धारित योगदान (एनडीसी) 10 नवंबर को प्रस्तुत करेगा, जिसमें ऊर्जा दक्षता में सुधार के लिए संशोधित लक्ष्य शामिल होगा। रिपोर्ट में कहा गया कि प्रमुख उत्सर्जन कटौती देशों के बीच द्विपक्षीय समझौतों और क्लीन एनर्जी परियोजनाओं में संयुक्त निवेश से संभव हो सकती है।
भारत के ऊर्जा क्षेत्र में कार्बन उत्सर्जन 50 वर्षों में दूसरी बार घटा
भारत के बिजली क्षेत्र से कार्बन डाइऑक्साइड (CO2) उत्सर्जन में कमी दर्ज की गई है। यह पिछले लगभग पांच दशकों में सिर्फ दूसरी बार हुआ है। सेंटर फॉर रिसर्च ऑन एनर्जी एंड क्लीन एयर (क्रिया) और ब्रिटेन स्थित कार्बन ब्रीफ की नई रिपोर्ट के अनुसार, 2025 की पहली छमाही में उत्सर्जन पिछले साल के मुकाबले 1% घटा, जबकि पिछले 12 महीनों में इसमें 0.2% की गिरावट आई।
रिपोर्ट बताती है कि यह कमी बिजली की मांग कम रहने, नवीकरणीय ऊर्जा उत्पादन बढ़ने और अधिक हाइड्रोपॉवर उत्पादन के कारण हुई। मार्च से मई 2025 के दौरान सामान्य से 42% अधिक बारिश ने हाइड्रोपॉवर उत्पादन बढ़ाया और एसी की खपत कम की।
इस दौरान कोयला-आधारित उत्पादन में 29 टेरावाट ऑवर (TWh) की कमी आई, जबकि सौर, पवन, जल और परमाणु ऊर्जा से 38 TWh अतिरिक्त आपूर्ति हुई। 2025 की पहली छमाही में 25.1 गीगावाट गैर-जीवाश्म क्षमता जुड़ी, जिसमें सबसे बड़ा हिस्सा सौर ऊर्जा का रहा।
2035 तक 10% तक उत्सर्जन घटाएगा चीन
चीन ने 2035 तक अपने कार्बन उत्सर्जन को चरम स्तर से 7% से 10% तक घटाने का लक्ष्य रखा है। यह घोषणा चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने संयुक्त राष्ट्र महासभा के जलवायु सम्मेलन में प्री-रिकॉर्डेड वीडियो संदेश के जरिए की। सीएनएन के अनुसार, अमेरिका ने चीन से 30% कटौती का आग्रह किया था जिसके मुकाबले यह लक्ष्य काफी कम है।
विशेषज्ञों का मानना है कि नवीकरणीय ऊर्जा उत्पादन और घरेलू परियोजनाओं में तेजी से वृद्धि के कारण चीन इस लक्ष्य से अधिक प्राप्त कर सकता है, जैसा कि उसने पहले भी किया है। स्वतंत्र विश्लेषण बताते हैं कि चीन का उत्सर्जन लगभग 2030 तक चरम पर पहुंचने वाला था, लेकिन यह स्तर पांच साल पहले ही प्राप्त किया जा चुका है और अब उत्सर्जन घटना शुरू हो गया है।
इसके अलावा, ऑस्ट्रेलिया ने भी जलवायु लक्ष्य बढ़ाया है। प्रधानमंत्री एंथनी एल्बनीज़ ने 2035 तक 2005 के स्तर से 62–70% तक उत्सर्जन घटाने की योजना का ऐलान किया।
ट्रंप ने फिर क्लाइमेट चेंज पर दिया विवादित बयान
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संयुक्त राष्ट्र महासभा में जलवायु परिवर्तन को “दुनिया के साथ किया गया सबसे बड़ा छल” बताया। रॉयटर्स के अनुसार, ट्रंप ने अपने भाषण में यूरोपीय संघ की कार्बन फुटप्रिंट कम करने की नीतियों को अर्थव्यवस्था के लिए नुकसानदायक बताया और नवीकरणीय ऊर्जा में भारी निवेश करने वाले देशों को आर्थिक संकट की चेतावनी दी। उन्होंने पवन टर्बाइन और पर्यावरण कार्यकर्ताओं पर भी निशाना साधा। वैज्ञानिकों ने ट्रंप के दावों को खारिज किया और कहा कि अब तक के जलवायु मॉडल “सटीक साबित” हुए हैं। विशेषज्ञों ने उनके बयान को भ्रामक और विज्ञान-विरोधी करार दिया।
गौरतलब है कि ट्रंप पहले भी जलवायु परिवर्तन को ‘हौव्वा’ बताते रहे हैं और उन्होंने तेल-गैस ड्रिलिंग बढ़ाने और नवीकरणीय परियोजनाओं को कम करने के लिए कई फैसले लिए हैं।
दो साल पहले, हमने अंग्रेजी में एक डिजिटल समाचार पत्र शुरू किया जो पर्यावरण से जुड़े हर पहलू पर रिपोर्ट करता है। लोगों ने हमारे काम की सराहना की और हमें प्रोत्साहित किया। इस प्रोत्साहन ने हमें एक नए समाचार पत्र को शुरू करने के लिए प्रेरित किया है जो हिंदी भाषा पर केंद्रित है। हम अंग्रेजी से हिंदी में अनुवाद नहीं करते हैं, हम अपनी कहानियां हिंदी में लिखते हैं।
कार्बनकॉपी हिंदी में आपका स्वागत है।
आपको यह भी पसंद आ सकता हैं
-
सरकार ने वन भूमि पर निजी प्लांटेशन को दी हरी झंडी, पर्यावरण शुल्क से छूट
-
सुप्रीम कोर्ट ने अरावली मामले में अपने ही निर्णय पर रोक लगाई, नई समिति गठित करने का आदेश
-
भारत अपनी नीतियों को निर्धारित करने के लिए वैश्विक जलवायु या प्रदूषण रैंकिंग पर निर्भर नहीं: सरकार
-
कॉप30 में भारत का कड़ा संदेश: क्लाइमेट जस्टिस के बिना कोई समझौता नहीं
-
फाइनेंस पर विवाद के बीच शुरू हुआ कॉप30 महासम्मेलन
