मई में इलेक्ट्रिक कारों की बिक्री 81 प्रतिशत बढ़ी
फेडरेशन ऑफ ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशंस (फाडा) के अनुसार, भारत में मई 2026 में इलेक्ट्रिक यात्री वाहनों की खुदरा बिक्री 81.2 प्रतिशत बढ़कर 26,682 इकाई पहुंच गई। पिछले वर्ष इसी महीने यह आंकड़ा 14,725 था। इस श्रेणी में टाटा मोटर्स 10,340 वाहनों की बिक्री के साथ पहले स्थान पर रही, जबकि महिंद्रा एंड महिंद्रा 6,210 इकाइयों के साथ दूसरे स्थान पर रही।
इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों की बिक्री भी 62.7 प्रतिशत बढ़कर 1.70 लाख इकाई से अधिक हो गई। इस खंड में टीवीएस मोटर पहले, बजाज ऑटो दूसरे और एथर एनर्जी तीसरे स्थान पर रहे। वहीं, इलेक्ट्रिक तिपहिया वाहनों की बिक्री 71,867 इकाई और इलेक्ट्रिक वाणिज्यिक वाहनों (माल या यात्रियों के परिवहन में इस्तेमाल होने वाले वाहन) की बिक्री 2,400 इकाई दर्ज की गई।
दिल्ली में इलेक्ट्रिक दोपहिया और कारों का पंजीकरण रिकॉर्ड स्तर पर
शोध संस्था एनवायरोकैटलिस्ट्स की रिपोर्ट के अनुसार, दिल्ली में जनवरी से मई 2026 के दौरान इलेक्ट्रिक दोपहिया और निजी इलेक्ट्रिक कारों का पंजीकरण 2019 के बाद सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गया। इस अवधि में 20,239 इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहन पंजीकृत हुए, जो पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 70 प्रतिशत अधिक हैं।
निजी इलेक्ट्रिक कारों का पंजीकरण भी करीब 96 प्रतिशत बढ़कर 9,471 हो गया। हालांकि, ई-रिक्शा पंजीकरण में भारी गिरावट दर्ज की गई और यह घटकर 1,887 रह गया, जो पिछले वर्ष के मुकाबले 93 प्रतिशत कम है। रिपोर्ट के अनुसार, दिल्ली सरकार जल्द ही नई ईवी नीति ला सकती है। मसौदे में नए सीएनजी ऑटो और पेट्रोल-दीजल दोपहिया वाहनों के पंजीकरण को चरणबद्ध तरीके से बंद करने का प्रस्ताव है, ताकि स्वच्छ परिवहन को बढ़ावा मिल सके।
यूरोप में बढ़ रही चीनी वाहन कंपनियों की मौजूदगी
यूरोपीय संघ (ईयू) द्वारा चीनी इलेक्ट्रिक वाहनों पर अतिरिक्त शुल्क लगाने के बावजूद चीन की वाहन कंपनियां यूरोपीय बाजार में अपनी पकड़ मजबूत कर रही हैं। रिपोर्टों के अनुसार, 2025 में यूरोपीय संघ को चीन से वाहन निर्यात पहली बार 10 लाख से अधिक हो गया, जो पिछले वर्ष की तुलना में 30 प्रतिशत ज्यादा है।
चीन के वाहन उद्योग संगठन का कहना है कि देश में घरेलू मांग उम्मीद से अधिक धीमी हुई है, इसलिए कंपनियां निर्यात पर अधिक ध्यान दे रही हैं। वहीं, चीनी कंपनी बीवाईडी के अध्यक्ष ने दावा किया है कि उनकी कंपनी अगले पांच वर्षों में दुनिया की सबसे बड़ी वाहन निर्माता बन सकती है। यूरोप और चीन के बीच व्यापार नियमों और शुल्कों को लेकर मतभेद जारी हैं, लेकिन इसके बावजूद चीनी इलेक्ट्रिक और हाइब्रिड वाहनों (बिजली और ईंधन दोनों से चलने वाले वाहन) का निर्यात तेजी से बढ़ रहा है।
बीवाईडी इस साल भारत में लॉन्च करेगी नई हाइब्रिड एसयूवी
चीनी इलेक्ट्रिक वाहन कंपनी बीवाईडी की भारतीय इकाई ने घोषणा की है कि वह इस वर्ष भारत में अपनी पहली प्लग-इन हाइब्रिड एसयूवी ‘सील यू’ लॉन्च करेगी। यह वाहन कंपनी की डीएम-आई (डुअल मोड इंटेलिजेंट) तकनीक पर आधारित होगा। प्लग-इन हाइब्रिड वाहन बैटरी और पेट्रोल इंजन दोनों से चलते हैं तथा जरूरत के अनुसार दोनों का उपयोग करते हैं।
कंपनी का दावा है कि यह तकनीक एक बार चार्ज करने और टैंक भरने पर 1,200 किलोमीटर से अधिक की संयुक्त दूरी तय कर सकती है। बीवाईडी इंडिया के अनुसार, भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों की मांग लगातार बढ़ रही है और हाल में ईंधन कीमतों में बढ़ोतरी के बाद पूछताछ में भी वृद्धि हुई है। कंपनी का मानना है कि बेहतर चार्जिंग सुविधाओं और नई तकनीकों से लोगों का इलेक्ट्रिक वाहनों की ओर रुझान और बढ़ेगा।