अभी जलेगा कोयला: नये नेशनल इलैक्ट्रिसिटी प्लान के मुताबिक सरकार मानती है कि कोयला अब भी बिजली उत्पादन के लिये सबसे सस्ता ईंधन है। Photo: Canva

“सबसे किफायती” दर पर बिजली के लिये और कोल प्लांट

लगता है कि पर्यावरण कार्यकर्ताओं के मुखर विरोध और साफ ऊर्जा की गिरती कीमतों के बावजूद सरकार अभी और कोयला बिजलीघर लगा सकती है। समाचार एजेंसी रायटर के मुताबिक भारत के नये ड्राफ्ट नेशनल इलेक्ट्रिसिटी प्लान (एनईपी) में कहा गया है कि “कोयला बिजली उत्पादन का अब भी सबसे सस्ता स्रोत है।” यह ड्राफ्ट 2018 के  नेशनल इलेक्ट्रिसिटी प्लान का नया रूप है और हाल में सौर और पवन ऊर्जा की सस्ती (दो रुपये/ किलोवॉट-घंटा) टेंडर निलामी के बावजूद इसमें कोयले के पक्ष में तर्क हैं। 

वैसे बिजली उत्पादन में कोयले का योगदान लगातार दूसरे साल (2020 में) गिरा है। भारत की ताप बिजली कंपनी नेशनल थर्मल पावर ने भी पिछले साल सितंबर में कहा कि अब वह नये कोयला बिजलीघरों के लिये ज़मीन अधिग्रहण नहीं करेगी। 

फ्रांस: कम दूरी की घरेलू उड़ानों पर रोक, ट्रेन से होगी यात्रा  

 फ्रांस ने कम दूरी की उड़ानों पर रोक लगाने का फैसला किया है। इस नीति के तहत अगर यात्रा का समय ढाई घंटे से कम है तो मुसाफिरों को ट्रेन पकड़नी होगी। पहले यह शर्त चार घंटे की थी लेकिन एयरलाइंस के विरोध के बाद इसे घटाया गया। यह फैसला फ्रांस द्वारा इमीशन कम करने के लिये है क्योंकि ट्रेन के बजाय उतनी ही दूरी हवाई जहाज से तय करने में 77 गुना अधिक CO2 उत्सर्जन होता है। महत्वपूर्ण है कि यूरोप में उम्दा ट्रेन सुविधा है और बाकी यूरोपीय देश भी ऐसे कदम ले सकते हैं। ऐसी ही एक पहल में नवंबर 2020 में ऑस्ट्रियन एयरलाइन ने वियना और ग्राज़ के बीच उड़ान बन्द कर दी। इस दूरी को यात्री अब ट्रेन से 3 घंटे में तय किया जाता है।

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