2025 में जीवाश्म ईंधन से उत्सर्जन अपने उच्चतम स्तर पर
नवीनतम वैश्विक विश्लेषण में सामने आया है कि 2025 में जीवाश्म ईंधन से होने वाला
नवीनतम वैश्विक विश्लेषण में सामने आया है कि 2025 में जीवाश्म ईंधन से होने वाला
जलवायु परिवर्तन और पर्यावरण के लिहाज़ से साल 2025 बेहद चुनौतीपूर्ण रहा। तमाम चेतावनियों के
बढ़ती ऊर्जा ज़रूरतों को देखते हुए भारत कोयला आधारित बिजली उत्पादन की आयु बढ़ाने और
ब्राज़ील के बेलेम में सम्पन्न कॉप30 जलवायु सम्मेलन ने फॉसिल फ्यूल (कोयला, तेल-गैस) को चरणबद्ध
बेलेम सम्मेलन मिश्रित परिणामों के साथ समाप्त हुआ, जिसे ‘ग्लोबल मुटिराव’ निर्णय नामक एक समझौता सौदा कहा गया है।
पवन, सौर, लघु जलविद्युत और परमाणु जैसी गैर-जीवाश्म ईंधन स्रोतों ने 2025 में भारत की
रॉयटर्स के अनुसार, पेट्रोलियम निर्यातक देशों के संगठन ओपीईसी ने 2026 में आपूर्ति और मांग
भारत सरकार ने कहा है कि उसकी कच्चे तेल की खरीद देश की ऊर्जा सुरक्षा
रूस-यूक्रेन युद्ध के बाद वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति में अस्थिरता के बीच चीन अपने तेल भंडार
‘द प्रोडक्शन गैप’ रिपोर्ट के अनुसार दुनिया के देश सामूहिक रूप से पहले से भी