कर्ज़ में डूबी कंपनियों के लिये रिज़र्व बैंक ने बदले नियम

Editorial Team1 जून. 2019
थोड़ी राहत: रिज़र्व बैंक ने पावर प्लांट के लिये कर्ज़ को अदा करने की राह थोड़ा आसान की है लेकिन पावर कंपनियों का संकट बहुत गहरा है। फोटो – Financial Tribune

थोड़ी राहत: रिज़र्व बैंक ने पावर प्लांट के लिये कर्ज़ को अदा करने की राह थोड़ा आसान की है लेकिन पावर कंपनियों का संकट बहुत गहरा है। फोटो – Financial Tribune


रिज़र्व बैंक के नये नियमों के तहत अब डिफॉल्टर कंपनियों को अपने ऋण को चुकता करने के प्रक्रिया दोबारा शुरु करने से पहले 30 दिन का वक़्त मिलेगा। इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने रिज़र्व बैंक के उस सर्कुलर को निरस्त कर दिया था जिसमें कर्ज़ चुकाने में एक दिन की देरी होने पर भी कर्ज़दार को पूरे लोन का भुगतान करने के लिये कार्रवाई शुरू करनी थी। लगातार हो रहे नुकसान की वजह से 40 GW तक के कोयला और गैस पावर प्लांट को इससे राहत मिलेगी।

उज्ज्वला स्कीम के तहत अब 5 किलो का सिलेंडर

उज्ज्वला योजना के तहत सरकार अब गरीब परिवारों को 5 किलो का सिलेंडर देगी ताकि उसे भरवाना जेब पर अधिक भारी न पड़े। एनडीए – I सरकार के वक़्त उज्ज्वला योजना शुरू की गई जिसमें लकड़ी का इस्तेमाल खत्म करने के लिये बीपीएल परिवारों को गैस और चूल्हा दिया गया लेकिन कई जगह देखा गया कि लोग खाली सिलेंडर को भरवा नहीं पा रहे थे। जहां 14.2 किलो का सिलेंडर 500 रुपये में भरता वहीं 5 किलो का सिलेंडर ग्राहक करीब 180 रुपये में भरवा पायेंगे।

उज्जवला योजना के तहत सरकार ने अपने कार्यकाल को पहले 100 दिनों में 8 करोड़ नये कनेक्शन देने का लक्ष्य रखा है। 3 जून तक उत्तर प्रदेश में सबसे अधिक 1.29 करोड़ और बिहार में 78 लाख कनेक्शन दिये जा चुके थे।

जीवाश्म ईंधन पर सब्सिडी दुनिया को तबाह कर रही है: संयुक्त राष्ट्र महासचिव

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुट्रिस ने दुनिया भर के देशों से कहा है कि प्रदूषण फैलाने वाले ईंधन पर सब्सिडी देने से बुरा कुछ नहीं है। उन्होंने ऑस्ट्रिया में राजनेताओं और उद्योगपतियों के सम्मेलन में कहा कि तेल, गैस और कोयले जैसे ईंधन पर सब्सिडी देकर उसे बढ़ावा देना “दुनिया की तबाही में मदद” करने जैसा है और जनता के पैसे का इससे बड़ा दुरुपयोग नहीं हो सकता।

जीवाश्म ईंधन जलवायु परिवर्तन के ख़तरे को और बढ़ा रहे हैं। फिर भी 2017 में प्रदूषक ईंधन पर कुल 5,20,000 करोड़ डॉलर यानी करीब 364 लाख करोड़ रुपये आंकी गई।

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