भारत 2040 तक दुनिया की 25% ईंधन की मांग को पूरा कर सकता है: हरदीप सिंह पुरी

Editorial Team13 जन॰. 2023
भारत में पेट्रोल में इथेनॉल सम्मिश्रण 2013-14 में 1.53% से बढ़कर 2022 में 10.17% हो गया है ।

भारत में पेट्रोल में इथेनॉल सम्मिश्रण 2013-14 में 1.53% से बढ़कर 2022 में 10.17% हो गया है ।


केंद्र ने दावा किया है कि भारत 2040 तक वैश्विक ईंधन मांग में 25% योगदान देगा।साथ ही सरकार ने 2025 तक पेट्रोल में 20% इथेनॉल सम्मिश्रण हासिल करने का लक्ष्य बनाया है। 

केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि वर्तमान में भारत अपनी 85% तेल और 50% प्राकृतिक गैस की आवश्यकताओं के लिए आयात पर निर्भर है। लेकिन भारत ने अब

गन्ने और अन्य कृषि-उत्पादों से निकाले गए इथेनॉल को पेट्रोल में मिलाना शुरू कर दिया है, जिससे आयात पर इसकी निर्भरता कम हो जाएगी। सूत्रों के अनुसार पेट्रोल में इथेनॉल सम्मिश्रण 2013-14 में 1.53% से बढ़कर 2022 में 10.17% हो गया है। 

2022 के जबरन उत्पादन के लिए भारतीय कोयला बिजली संयंत्रों को दिया जाना चाहिए मुआवजा – नियामक

केंद्रीय विद्युत नियामक आयोग (सीईआरसी) ने कहा कि पिछले साल एक सरकारी आदेश के परिणामस्वरूप बिजली उत्पादकों को हुए नुकसान की भरपाई सरकार को करनी होगी। 

सरकारी आदेश ने थर्मल पावर स्टेशनों को चालू रखने के लिए मजबूर किया था। मई 2022 में कोयले की बढ़ती कीमतों और कम आपूर्ति की मात्रा ने कई बिजली उत्पादकों को परिचालन बंद करने के लिए मजबूर किया।

ज्यादा मांग के दौरान बिजली की कमी देखते हुए भारत सरकार ने  विद्युत अधिनियम में एक आपातकालीन खंड लागू किया था। जिसके अंतर्गत आयातित कोयले का उपयोग करने के लिए बिजली संयंत्रों को निर्देशित किया गया था। बिजली नियामक के आदेश में कहा गया है कि जिन संयंत्रों को आयातित कोयले का उपयोग करने के लिए मजबूर किया गया था उनके टैरिफ में सभी खरीद लागतों के साथ-साथ “उचित लाभ मार्जिन” भी शामिल होना चाहिए।

उत्पादन में वृद्धि के बावजूद भारतीय कोयले में निवेशकों की दिलचस्पी कम 

पिछले वित्त वर्ष की इसी अवधि की तुलना में अप्रैल-दिसंबर 2022 के दौरान भारत में कोयले का उत्पादन 16% से अधिक बढ़ा। आंकड़ों के अनुसार, अप्रैल से दिसंबर की समय सीमा में देश का कोयला उत्पादन 2021 में 522.34 मेगाटन से बढ़कर 2022 में 607.97 मेगाटन हो गया। कोल इंडिया लिमिटेड (सीआई एल) ने 15.82% की वृद्धि दर्ज की, जिससे इसका उत्पादन लगभग 480 मेगाटन हो गया। 

हालांकि कोयला व्यवस्था के उदारीकरण और कनेक्टिविटी में सुधार के कारण उत्पादन में बढ़ोतरी हुई है, लेकिन इससे निवेशकों के उत्साह में कोई बड़ा बदलाव नहीं आया है। कोयला और खान मंत्री प्रह्लाद जोशी के बयान के अनुसार, दिसंबर 2021 में जिन 99 खानों के लिए बोलियां आमंत्रित की गई थीं, उनमें से केवल आठ की सफलतापूर्वक नीलामी की गई है।

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