कोयले पर क्यों आमादा है सरकार?
मोदी सरकार ने कमर्शियल माइनिंग के लिये कोल ब्लॉक नीलामी का फैसला किया और झारखंड
मोदी सरकार ने कमर्शियल माइनिंग के लिये कोल ब्लॉक नीलामी का फैसला किया और झारखंड
ऑस्ट्रेलिया के क्वींसलैंड में 100 करोड़ अमेरिकी डॉलर निवेश वाली कोयला खदान को फास्ट ट्रैक
पीपुल्स बैंक ऑफ चायना ने “क्लीन कोल” को बिजली उत्पादन के उन ईंधनों और टेक्नोलॉजी
कोरोना वाइरस के कारण लागू लॉकडाउन का असर कोयला बिजलीघरों पर साफ दिख रहा है।
सरकार ने कोयला कंपनियों पर वह कानूनी बंदिश हटा ली है जिसके तहत उन्हें खान
सरकार ने तेल और गैस के क्षेत्र में आ रही नई कंपनियों को नियमों में
OPEC के सदस्य देशों और रूस ने तेल का उत्पादन 10 % घटाया लेकिन सऊदी
द बूम एड बस्ट रिपोर्ट 2020 के मुताबिक साल 2019 में 47.4 GW क्षमता के
ऊर्जा क्षेत्र में सर्वे करने वाली संस्था IEEFA – जिसने NPA की श्रेणी में रखे
भारत के कोयला बिजलीघरों के लिये $1160 करोड़ की धनराशि की मांग वित्त आयोग ठुकरा