कोरोना: कोयला बिजलीघरों की उत्पादन क्षमता में रिकॉर्ड गिरावट
कोरोना वाइरस के कारण लागू लॉकडाउन का असर कोयला बिजलीघरों पर साफ दिख रहा है।
कोरोना वाइरस के कारण लागू लॉकडाउन का असर कोयला बिजलीघरों पर साफ दिख रहा है।
सरकार ने कोयला कंपनियों पर वह कानूनी बंदिश हटा ली है जिसके तहत उन्हें खान
सरकार ने तेल और गैस के क्षेत्र में आ रही नई कंपनियों को नियमों में
OPEC के सदस्य देशों और रूस ने तेल का उत्पादन 10 % घटाया लेकिन सऊदी
द बूम एड बस्ट रिपोर्ट 2020 के मुताबिक साल 2019 में 47.4 GW क्षमता के
ऊर्जा क्षेत्र में सर्वे करने वाली संस्था IEEFA – जिसने NPA की श्रेणी में रखे
भारत के कोयला बिजलीघरों के लिये $1160 करोड़ की धनराशि की मांग वित्त आयोग ठुकरा
मद्रास हाइकोर्ट ने केंद्रीय तेल और गैस मंत्रालय को नोटिस देकर कावेरी डेल्टा पर प्रस्तावित
मंदी से जूझती घरेलू अर्थव्यवस्था का असर ईंधन की मांग पर दिखा है। सितंबर 2018
सरकार एनर्जी डिमांड और साफ ऊर्जा के लक्ष्य के बीच फंसी दिखती है। इसीलिये जहां