चीन लगा रहा 100 गीगावॉट के नये कोयला प्रोजेक्ट

Editorial Team9 सित॰. 2021
चीनी धुंआं:  जलवायु परिवर्तन के स्पष्ट प्रभावों के बावजूद चीन नये कोयलाघरों की स्थापना में कोई कमी करता नहीं दिखता। फोटो-Curioso Photography

चीनी धुंआं: जलवायु परिवर्तन के स्पष्ट प्रभावों के बावजूद चीन नये कोयलाघरों की स्थापना में कोई कमी करता नहीं दिखता। फोटो-Curioso Photography


ग्रीनपीस का कहना है कि 2021 में कोयले के प्रति दिखी उदासीनता के बावजूद चीन अपने कई प्रान्तों में 100 गीगावॉट के नये कोयला बिजलीघर लगाने की तैयारियां कर रहा है। समाचार एजेंसी रॉयटर्स में प्रकाशित ख़बर के मुताबिक स्थानीय एजेंसियों ने इस साल के पहले 6 महीने में कुल 5.2 गीगावॉट क्षमता के दो दर्ज कोयला प्रोजेक्ट्स को हरी झंडी दी है। पिछले साल के मुकाबले यह आंकड़ा ज़रूर 80% की गिरावट दिखाता है लेकिन इसके साथ ही जिन कोयला बिजलीघरों की चीनी सरकार ने योजना बनाई है उनकी कुल क्षमता 104 गीगावॉट से अधिक हो गई है। महत्वपूर्ण है कि चीन ने भले ही कहा है कि 2030 तक उसके इमीशन अपने उच्चतम स्तर पर होंगे और 2060 तक वह कार्बन न्यूट्रल देश होगा यानी उसके नेट इमीशन ज़ीरो होंगे लेकिन वह कोयले का प्रयोग घटाना 2026 से पहले शुरू नहीं करेगा। 

BMW: हर कार का कुल इमीशन 40% तक घटाने का ऐलान 

ऑटोमोबाइल कंपनी बीएमडब्लू की योजना है कि वह अपने वाहनों के पूरे जीवन चक्र में कुल इमीशन – 2019 के स्तर से  – 40%  कम करे। इसमें वाहन के बनाने में होने वाला इमीशन भी शामिल है। पहले के योजना के मुकाबले कंपनी इस इमीशन को एक तिहाई कम करना चाहती थी।  

म्यूनिक में होने वाले मोबिलिटी सम्मेलन से पहले बीएमडब्लू ने कहा कि वह यह लक्ष्य हासिल करने के लिये अपने वाहनों के निर्माण में रीसाइकिल्ड या रीयूज़्ड माल का प्रयोग 30% से 50% तक बढ़ायेगी। हालांकि कंपनी कहती है कि वह 1.5 डिग्री तक तापमान संतुलित रखने के क्लाइमेट लक्ष्य के हिसाब से काम कर रही है लेकिन अभी तक वह यह नहीं बता पाई है कि वह पेट्रोल, डीज़ल और गैसोलीन से चलने वाले वाहनों को बनाना कब बंद करेगी। 

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